भिलाई, के सेक्टर-6 स्थित श्री शिर्डी साईं बाबा मंदिर में हुई बड़ी चोरी की वारदात को 84 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। 26 फरवरी 2026 की रात हुई इस घटना ने पूरे शहर को हिला दिया था। सुरक्षित माने जाने वाले वीआईपी इलाके में मंदिर के भीतर हुई इस फिल्मी स्टाइल चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन महीने बीतने के बाद भी मुख्य आरोपी फरार हैं और जांच एजेंसियों के हाथ अब तक खाली हैं।
जानकारी के मुताबिक, मंदिर परिसर में ड्यूटी कर रहे सुरक्षा गार्ड परमेश्वर सेन ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 25 फरवरी की रात मंदिर के पुजारी मंदिर बंद कर घर चले गए थे। देर रात करीब 2:15 से 3 बजे के बीच 4 से 5 नकाबपोश बदमाश मंदिर के पीछे की ओर से अंदर घुसे। बदमाशों ने पहले गार्ड को दबोच लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद नायलॉन की रस्सी से उसके हाथ-पैर बांध दिए और आंखों पर कपड़ा बांधकर प्रसाद काउंटर के पास लिटा दिया। बदमाशों ने गार्ड का मुंह और नाक दबाकर रखा ताकि वह किसी को आवाज न दे सके।
इसके बाद आरोपी मंदिर के अंदर पहुंचे और करीब एक घंटे तक चोरी की वारदात को अंजाम देते रहे। चोरों ने मंदिर में रखे कई कीमती चांदी के सामान और दानपेटी को निशाना बनाया। चोरी हुए सामान में चांदी की पादुका, चरण पादुका, आरती थाली, पंचआरती स्टैंड, चांदी के ग्लास, पंचामृत कलश, अगरबत्ती स्टैंड, चांदी के पैनल, कलश और स्वर्ण मंडित नख शामिल थे। आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए।
करीब एक घंटे बाद मंदिर परिसर स्थित साईं भवन के चौकीदार सुखरीत साहू को कुछ आवाज सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। इसके बाद मंदिर के पुजारी मुकेश दुबे और पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही तत्कालीन दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे थे और जांच के निर्देश दिए थे।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमें गठित कीं। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम की मदद ली गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम बिहार के वैशाली तक पहुंची। शुरुआती जांच में मध्यप्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों के बाहरी गिरोहों के शामिल होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
इधर, शहर में छोटी-मोटी चोरी के मामलों में पुलिस लगातार आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है, लेकिन इतनी बड़ी वारदात का खुलासा नहीं होना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर समिति और श्रद्धालुओं में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इतने संवेदनशील मामले में अब तक आरोपियों का पकड़ा न जाना चिंता की बात है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है। हालांकि 84 दिन बाद भी आरोपियों का कोई सुराग न मिलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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