छत्तीसगढ़ में HPV वैक्सीन को लेकर डर, सिर्फ 4.7% लड़कियों को लगा टीका
त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

छत्तीसगढ़, में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगाए जाने वाले HPV वैक्सीन को लेकर जागरूकता की कमी और फैली अफवाहों का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। राज्य में अब तक केवल 4.7 प्रतिशत लड़कियों को ही यह टीका लगाया जा सका है, जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल है।

विशेषज्ञों के मुताबिक HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। इस संक्रमण से बचाव के लिए किशोरियों को समय पर वैक्सीन लगाना बेहद जरूरी होता है। केंद्र और राज्य सरकार लगातार टीकाकरण अभियान चला रही हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में लोगों के बीच फैली गलत धारणाएं और डर इस अभियान की रफ्तार को प्रभावित कर रहे हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी लोग वैक्सीन को लेकर भ्रमित हैं और इसे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक मान रहे हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें भी टीकाकरण में बड़ी बाधा बन रही हैं। कुछ जगहों पर यह गलत जानकारी फैलाई जा रही है कि HPV वैक्सीन से गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जबकि चिकित्सा विशेषज्ञ इसे पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी बताते हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।

प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चला रहा है। अभिभावकों और किशोरियों को वैक्सीन के फायदे समझाने के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई परिवार अब भी टीका लगवाने से हिचकिचा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते लोगों को सही जानकारी नहीं दी गई, तो आने वाले वर्षों में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि टीकाकरण अभियान को और तेज किया जाएगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मेडिकल टीमों को सक्रिय किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा किशोरियों तक वैक्सीन पहुंचाई जा सके। साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि HPV वैक्सीन सिर्फ एक टीका नहीं, बल्कि महिलाओं को गंभीर बीमारी से बचाने की सुरक्षा कवच है। ऐसे में समाज में जागरूकता बढ़ाना और लोगों के मन से डर दूर करना बेहद जरूरी है, ताकि छत्तीसगढ़ भी टीकाकरण के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर सके।

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