देशभर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम लोगों में चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में कई शहरों में ईंधन के दाम बढ़ने के बाद लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने इसे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर बताया तो किसी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। हालांकि अधिकांश लोगों का कहना था कि “ये तो होना ही था, अब कोई क्या करे।”
पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई लोगों ने बढ़ते दामों से पहले ही अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवा ली। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने पहले ही घर का बजट बिगाड़ दिया है और अब ईंधन के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की जिंदगी और मुश्किल हो जाएगी। एक वाहन चालक ने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सब्जियों, राशन और परिवहन खर्च पर भी पड़ता है।
कुछ लोगों ने माना कि वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण यह स्थिति बनी है। वहीं, कई नागरिकों ने कहा कि आम आदमी के पास अब केवल परिस्थितियों को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। सोशल मीडिया पर भी लोग पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर अपनी नाराजगी और व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं।
ऑटो चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है। किराया बढ़ाने पर यात्रियों की नाराजगी झेलनी पड़ती है, जबकि पुराने किराए में काम करना घाटे का सौदा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो महंगाई का असर और ज्यादा बढ़ सकता है।
फिलहाल आम जनता उम्मीद कर रही है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हों और सरकार लोगों को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम उठाए।

Facebook Conversations