नवरात्रि में दुर्गा पंडालों पर रहेगी पुलिस की नजर, 150 से अधिक आयोजकों को दिए गए सुरक्षा निर्देश...
त्वरित ख़बरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

दुर्ग। आगामी नवरात्रि एवं दुर्गा उत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए दुर्ग पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम, दुर्ग में दुर्गा पंडालों और गरबा आयोजनों के आयोजकों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के 150 से अधिक मध्यम एवं बड़े दुर्गा पंडालों और गरबा आयोजनों के आयोजकों ने हिस्सा लिया।

बैठक में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने आयोजकों को सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात और ध्वनि नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आयोजकों से कहा गया कि उत्सव शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर लें और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर

बैठक में एएसपी सिटी शोभराज अग्रवाल, एएसपी ट्रैफिक कौशलेन्द्र पटेल, सीएसपी भिलाई नगर, एसडीएम भिलाई सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पंडालों का निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप कराने और अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा की जांच कराने के निर्देश दिए।

आयोजन स्थलों पर पर्याप्त पार्किंग, सुगम यातायात और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था रखने पर जोर दिया गया। साथ ही, आपातकालीन निकासी मार्ग को बाधारहित रखने और अग्निशमन वाहन, एम्बुलेंस तथा पुलिस सहायता के लिए रास्ता खुला रखने के निर्देश दिए गए।

डीजे और गरबा आयोजनों के लिए भी दिशा-निर्देश

दुर्ग पुलिस ने डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन निर्धारित ध्वनि मानकों, समय-सीमा और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार करने को कहा है। गरबा आयोजनों में प्रवेश और निकास की समुचित व्यवस्था, सुरक्षा स्वयंसेवकों की तैनाती तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के दौरान आयोजकों को संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) वितरित की गई, ताकि सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

दुर्गा पंडाल और गरबा आयोजकों के लिए 10 प्रमुख निर्देश

1. पंडाल की सुरक्षा: पंडाल का निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप कराएं। प्रवेश और निकास के रास्ते खुले एवं बाधारहित रखें।

2. अग्नि सुरक्षा: अग्निशमन यंत्र और आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखें। आग लगने की स्थिति में निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

3. विद्युत सुरक्षा: बिजली के तारों, कनेक्शनों और लाइटिंग उपकरणों की जांच कराएं। खुले तार, असुरक्षित जोड़ और ओवरलोडिंग से बचें।

4. भीड़ प्रबंधन: श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था करें। भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात रखें।

5. पार्किंग और यातायात: आयोजन स्थल के आसपास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करें। सड़क और आपातकालीन मार्गों पर वाहनों को खड़ा न होने दें।

6. आपातकालीन सेवाएं: एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और पुलिस सहायता के लिए रास्ता खुला रखें। जरूरी संपर्क नंबर आयोजकों के पास उपलब्ध रहें।

7. डीजे और ध्वनि नियंत्रण: डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन निर्धारित समय, अनुमेय ध्वनि सीमा और लागू नियमों के अनुसार करें।

8. गरबा आयोजन की सुरक्षा: प्रवेश एवं निकास पर निगरानी रखें। संदिग्ध गतिविधि, विवाद या अव्यवस्था होने पर पुलिस को तत्काल सूचना दें।

9. अनुमति और समन्वय: आयोजन से संबंधित आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करें और पुलिस, प्रशासन एवं अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय बनाए रखें।

10. निगरानी और जनसहयोग: आयोजन स्थल पर पर्याप्त रोशनी और निगरानी की व्यवस्था रखें। अफवाहों से बचें और किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।

दुर्ग पुलिस ने आयोजकों और नागरिकों से की अपील

दुर्ग पुलिस ने सभी दुर्गा पंडाल एवं गरबा आयोजकों से अपील की है कि वे आयोजन शुरू होने से पहले सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात संबंधी व्यवस्थाएं पूरी कर लें। साथ ही, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करें।

आम नागरिकों से भी नवरात्रि एवं दुर्गा उत्सव के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की सूचना पुलिस को देने की अपील की गई है।

दुर्ग पुलिस का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा और उत्सवों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्राथमिकता है।

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