*राजनांदगांव*- जिले के छुरिया विकासखंड के स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग क्र.43 पर इन दिनों नकली केमिकल डीजल बेचने वालों का धंधा जोरो पर देखा गया मानों विभागीय अधिकारीयों मौन स्वीकृति प्राप्त हो? क्योंकि मिली जानकारी अनुसार राजनांदगांव जाने वाले मार्ग पर केवल एक दो को ही विभागीय आदेश प्राप्त है कि वे बायोडीजल की विक्रय कर सकें। किंतु सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार रानी तालाब व पाटेकोहरा के बीच में एक ढाबा में अवैध रूप से नकली केमिकल युक्त डीजल बनाकर बेचने का काम खुलेआम किया जा रहा था। जबकि कुछ दिनों पुर्व खबरों में प्रकाशित होने के बाद नकली डीजल के लिए एक विशेष शो पीस फ्यूल पंप लगाया गया था। जिसे हटा दिया गया इसके लगे रहने से ढाबा के पास आने वाले ट्रक चालकों को कम दाम का लालच देकर बेचा जाता रहा है। उक्त नकली केमिकल डीजल में प्रदूषण की मात्रा भी अधिक होना पता लगा है। इस नकली डीजल के कारोबार से शासन प्रशासन को लाखों रुपये के राजस्व के हानि होने से नकारा नहीं जा सकता। इतने बड़े पैमाने पर अवैध व केमिकल नकली डीजल का कारोबार चल रहा था जहां खाद्य विभाग की मिली भगत से नकारा नहीं जा सकता? वहीं हमारे संवाददाता ने पुर्व में खबर प्रकाशित होने पर जगह स्थल का मुयाना कर ढाबा संचालक से जानकारी लेना चाहा किन्तु उनके व्दारा साफ़ तौर पर इस तरह के अवैध कार्य से पल्ला झाड़ लिया गया जिसके बाद भुपेंद्र कुमार मिश्रा जिला खाद्धय अधिकारी को फोन लगाकर जानकारी दी गई जिनके आने के पुर्व ढाबा संचालक व कर्मचारी भाग खड़े हुए। हालांकि खाद्य अधिकारी ने ढाबा संचालक के रखे डायरी व लेखा जोखा डीजल को जांच कर उचित कार्यवाही की बात कही गई। वहीं उक्त क्षेत्र के थाना प्रभारी व खाद अधिकारी व अनुविभागीय अधिकारी मौन क्यों थे। यह संदेह को जन्म देती है। जबकि पुर्व में डोंगरगांव विधायक द्वारा भी इस मामले को वर्तमान सत्र में सदन में उठाया गया परंतु इतना सब जानते हुए भी संबंधि अधिकारी कर्मचारी मौन धारण किये हुए है। जिससे वैध रूप से चल रहे पेट्रोल पंप के मालिकों में रोष व्याप्त है। उक्त अवैध कार्यो में गुजरात के कुछ संदिग्ध किस्म के लोग शामिल है। जो इस कार्य को विगत कुछ वर्षों से कर रहे है। अब देखना होगा कि शासन प्रशासन इसके लिए क्या और कितनी जल्दी कार्यवाही करती है।

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