नगर निगम द्वारा गांधी सभागृह में श्रम तिहार का आयोजन :
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2 मई 2023

राजनंादगांव । अंतर्राष्ट्रीय मजदूरी दिवस के अवसर पर आज नगर निगम द्वारा गांधी सभागृह में श्रम तिहार का आयोजन किया गया, जिसमें महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख सहित छ.ग. अत्यावसायी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष  धनेश पाटिला, छ.ग. अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष  हफीज खान, छ.ग. खादी ग्रामोद्योग के सदस्य  श्रीकिशन खण्डेलवाल, छ.ग. सिंधी अकादमी के सदस्य  अशोक पंजवानी, छ.ग. बाल संरक्षण आयोग की सदस्य  संगिता गजभिये, पूर्व महापौर  सुदेश देशमुख, निगम अध्यक्ष  हरिनारायण पप्पू धकेता, निगम आयुक्त  अभिषेक गुप्ता, इंटक के  जयनारायण सिंह, छ.ग. मुक्तिमोर्चा के  प्रेमनारायण वर्मा, महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य सर्व मधुकर वंजारी, सतीश मसीह, संतोष पिल्ले, विनय झा, गणेश पवार, राजेश गुप्ता चम्पू, वरिष्ठ सभापति  समद खान, जिला योजना समिति के सदस्य  सिद्धार्थ डोंगरे व श्री अमीन हुड्डा, पार्षद श्रीमती पूर्णिमा नागदेवे, शरद पटेल,नामंकित पार्षद  मामराज अग्रवाल व श्रीमती प्रतिभा बंजारे, पूर्व पार्षद  नारायण यादव, जितेन्द्र शर्मा,  रूपेश दुबे, श्रीमती माया शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि  संचिन टुरहाटे के अलावा व्यपारी संगठनों, श्रमिक संगठनों, स्वच्छता दीदीयों, श्रमिको तथा अधिकारियों व कर्मचारियों ने 150 से अधिक की संख्या में बोरे बासी खाकर श्रम तिहार को सफल बनाया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर माल्यापर्ण कर पूजा अर्चना किया, तत्पश्चात राजगीत के माध्यम से श्रम तिहार का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर महापौर श्रीमती देशमुख, आयुक्त  गुप्ता तथा पार्षदों ने सभी अतिथियों को तिलक लगाकर, गमछा व श्रीफल भेट कर सम्मानित किया। इसके पश्चात सभी उपस्थितजनों ने चटनी, प्याज, अचार व भाजी के साथ बोरे बासी का लुप्त उठाया।

श्रम तिहार के अवसर पर महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस की बधाई देते हुये कहा कि प्रदेश् के मुखिया माननीय भूपेश बघेल जी ने इस पावन दिवस को बोरे बासी खाकर यादगार बनाने की अपील की थी, उनके नेतृत्व में पूरे प्रदेश में श्रम तिहार बोरे बासी खाकर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश श्रमिक बाहुल्य कृषि प्रधान प्रदेश है, जहा के लोग मेहनत मजदूरी करते है, इनका प्रमुख आहार बोरे बासी है, बोरे बासी खाने से शरीर में ताजगी आती है और काम करने की क्षमता में वृद्धि होती है। बोरे बासी छत्तीसगढ़ का प्रचलित खाद पदार्थ है। जिसे चटनी, भाजी, आचार व प्याज के साथ खाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज हमारे श्रमिक साथियों के साथ हमारे जन प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पार्षदगण, पत्रकार बंधु एवं अधिकारी कर्मचारी बोरे बासी का आनंद लिये। 150 से अधिक लोगों ने उपस्थित होकर बोरे बासी खाकर श्रम तिहार को यादगार बनाया । आज के इस पावन अवसर पर मै हमारे श्रमिक साथियों के स्वथ्य एवं उज्जवल भविष्य की कामना करती हूॅ। 

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