BSc नर्सिंग प्रवेश पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 10% परसेंटाइल नियम रद्द, 15 दिन में दोबारा काउंसलिंग; मेरिट से भरेंगी सीटें
त्वरित खबरें :अमित रिपोर्टिंग

BSc नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 10% परसेंटाइल की अनिवार्यता को निरस्त कर दिया है। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 15 दिनों के भीतर दोबारा काउंसलिंग आयोजित कर सभी रिक्त सीटें मेरिट के आधार पर भरी जाएं।

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि 10% परसेंटाइल का नियम लागू होने से बड़ी संख्या में योग्य छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित हो रहे थे। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसका सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि इस नियम के कारण कई सीटें खाली रहने की आशंका थी, जबकि योग्य अभ्यर्थी प्रवेश के लिए उपलब्ध थे। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रवेश प्रक्रिया निष्पक्ष और मेरिट आधारित होनी चाहिए, ताकि सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब संबंधित विभाग 15 दिनों के भीतर नई काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेगा। इसमें पहले से रिक्त बची सीटों पर मेरिट सूची के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इस फैसले से हजारों अभ्यर्थियों, खासकर आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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