(NEET), का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए छत्तीसगढ़ में विशेष तैयारियां की गई हैं। राज्य के 19 शहरों में कुल 127 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां हजारों परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को लेकर प्रशासन, शिक्षा विभाग और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी के तहत प्रश्नपत्रों को एयरफोर्स की निगरानी और विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। प्रश्नपत्रों के परिवहन, भंडारण और वितरण की पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी आशंकाओं को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, मेटल डिटेक्टर से जांच और विशेष उड़नदस्तों की तैनाती की जाएगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या बाहरी हस्तक्षेप न हो।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और राज्य प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को पूरी तरह नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए सभी जरूरी उपाय किए गए हैं। केंद्रों पर पर्यवेक्षकों और सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सुरक्षा मानकों को पहले से अधिक मजबूत किया गया है, जिससे परीक्षार्थियों को निष्पक्ष माहौल मिल सके।
NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है और इसके माध्यम से MBBS, BDS तथा अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रशासन कोई भी चूक नहीं करना चाहता। 21 जून को होने वाली इस परीक्षा पर लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की नजरें टिकी हुई हैं।

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