राजनांदगांव। पी.एस.स्टील ट्यूब्स लि. कंपनी इंडस्ट्रीयल एरिया टेड़ेसरा वर्धमान रोप्स, खेतान कंपनी, भिलाई कंडक्टर आदि कंपनियों के मजदूर टेड़ेसरा के बाजार चौक में सुबह 11 बजे एकत्रित हुए। वहां से करीब 12 बजे छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भीमराव बागड़े के नेतृत्व में रैली प्रारंभ किये। जो जीई रोड, बस स्टैण्ड चौक होकर औद्योगिक क्षेत्र भ्रमण करते हुए पी.एस.स्टील ट्यूब्स लि. कंपनी के सामने धरना दिये।
रैली के दौरान काम से बंद किये गये मजदूरों को काम पर वापस लेना होगा, मजदूरों को न्यूनतम वेतन देना होगा, भविष्य निधि की राशि गबन करने वाले मैनेजमेंट को गिरफ्तार करों, शहीद शंकर गुहा नियोगी अमर रहे आदि नारे लगा रहे थे।
धरना स्थल पर हुयी सभा को छमुमो के अध्यक्ष भीमराव बागड़े के अलावा उपाध्यक्ष ए.जी.कुरैशी, टापवर्थ रसमड़ा के भोजराम साहू, एसीसी कंपनी जामुल के धनंजय शर्मा, जयश्री साल्वेक्स के दीलीप पारकर, सोना बेवेरेज के धरती राम साहू, क्रेस्ट स्टील के डेरहा राम साहू, का. ब्रिजेन्द्र तिवारी (राष्ट्रीय सचिव) एक्टू आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। सभा का संचालन मोर्चा के संगठन मंत्री तुलसी देवदास तथा महामंत्री पूनाराम साहू ने किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि पी.एस.स्टील ट्यूब्स लि. कंपनी में करीब 300 श्रमिक कार्यरत् है उन्हें शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 387 रुपए की दर से भुगतान के बजाय मात्र 250 रुपए की दर से नगद भुगतान किया जा रहा है। बैंक के माध्यम से भुगतान नहीं किया जा रहा है, कानून से बचने धोखाधड़ी की जा रही है। इस संबंध में श्रम विभाग ने शिकायत दिनांक 26.06.2022 पेश किये थे जिस पर बैठके आयोजित की गयी। श्रम पदाधिकारी के समक्ष 4 नवंबर 2022 को हुयी बैठक में मैनेजमेंट द्वारा लिखित आश्वासन दिया गया था कि श्रमिकों को हाजरी पत्रक, वेतन पर्ची तथा 8 घंटे ड्यूटी व न्यूनतम वेतन बैंक के माध्यम से भुगतान करने तथा भविष्य निधि की राशि भविष्य निधि कार्यालय में जमा करने सहमति हुयी थी, उसका पालन प्रतिवेदन एक सप्ताह में श्रम पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना था नहीं किया गया। बल्कि श्रमिकों को प्रताडि़त कर करीब 15 श्रमिकों को बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाये काम से बंद किया गया। इसलिए आज का धरना आयोजित किया गया।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि सोमनी फरहद में खेतान फर्टीलाईजर कंपनी में 100 श्रमिक कार्यरत है। उन्हें भी न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है, 275 रुपए की दर से भुगतान किया जा रहा है। दीगर प्रांत के मजदूरों को प्लांट में काम दिया जा रहा है। स्थानीय मजदूरों को प्रताडि़त किया जा रहा है। वर्धमान रोप्स कंपनी के श्रमिकों को श्रेणी अनुसार वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। संगम फोरजिंग व सिम्प्लेक्स मेटल कंपनी शासन की बिना अनुमति लिये करीब 1 साल पूर्व तालाबंदी की गयी, उक्त कंपनियों के प्रबंधक श्रमिकों की मजबूरियों का फायदा उठाते हुए शोषण कर रहे है। भिलाई कंडक्टर अंजोरा कंपनी द्वारा श्रम विभाग में शिकायत के बावजूद श्रमिकों को न्यूनतम वेतन तथा श्रेणी अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने समस्त औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों से आव्हान करते हुए कहा कि श्रम कानून बना हुआ है उसका पालन कराने सरकार की ओर से श्रम विभाग निर्धारित है किन्तु विभाग द्वारा श्रमिक हितों की रक्षा के बजाय उद्योगपतियों के हितों की रक्षा कर रहे है। इसलिए अपना हक पाने संगठित होकर संघर्ष करना होगा। यह जानकारी मोर्चा के संगठन मंत्री तुलसी देवदास 6263590727 ने दी।

Facebook Conversations