दुर्ग, 3 अगस्त। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में संचालित "Mediation for Nation 3.0" अभियान एवं आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से रविवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के सभागार में समीक्षा एवं रणनीतिक बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष माननीय श्री के. विनोद कुजूर ने की। इस दौरान मध्यस्थता केन्द्र दुर्ग के प्रभारी न्यायाधीश श्री अनिष दुबे सहित जिला मुख्यालय में पदस्थ सभी न्यायाधीश उपस्थित रहे।
बैठक में मध्यस्थता एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण पर विस्तृत चर्चा की गई। अध्यक्ष ने कहा कि "Mediation for Nation 3.0" अभियान का उद्देश्य ऐसे लंबित मामलों की पहचान करना है, जिनमें आपसी सहमति से समझौते की संभावना हो। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा तथा पक्षकारों को कम समय और कम खर्च में न्याय प्राप्त हो सकेगा।
बैठक में न्यायाधीशों को निर्देश दिए गए कि न्यायालयों में लंबित समझौतायोग्य मामलों की पहचान कर उन्हें अधिकाधिक संख्या में मध्यस्थता के लिए रेफर किया जाए। साथ ही आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए भी उपयुक्त मामलों का चयन कर संबंधित पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी दी जाए, ताकि अधिकाधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हो सके।
इस अवसर पर न्यायिक कार्य के दौरान आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, अधिवक्ताओं के सहयोग, पक्षकारों की सहभागिता, समयबद्ध रेफरल प्रक्रिया, उपयुक्त मामलों के चयन तथा प्रभावी समन्वय जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, जन-जागरूकता बढ़ाने और मध्यस्थता केन्द्रों को अधिक सक्रिय बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।

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