रायपुर। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने या उसमें संशोधन कराने में अब देरी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। खासतौर पर जन्म के एक साल से अधिक समय बाद प्रमाण पत्र बनवाने या उसमें सुधार कराने वाले आवेदकों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। अनुमति मिलने में करीब 2 से 3 महीने तक का समय लग रहा है, जिसके कारण बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं।
जानकारी के अनुसार रायपुर तहसील कार्यालय में ही ऐसे करीब 50 से 60 आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं। आवेदकों को जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने या उसमें आवश्यक सुधार के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति का इंतजार करना पड़ता है। अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई पूरी हो पाती है।
दरअसल, जन्म के एक साल के भीतर पंजीयन नहीं होने पर सामान्य प्रक्रिया के बजाय विलंबित पंजीयन की व्यवस्था लागू होती है। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच और संबंधित स्तर से अनुमति की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसी प्रक्रिया के कारण आवेदकों को सामान्य जन्म प्रमाण पत्र की तुलना में अधिक समय लग रहा है।
कई परिवारों को स्कूल में प्रवेश, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, पासपोर्ट, आधार या अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। ऐसे में प्रमाण पत्र बनने में देरी होने पर उन्हें अन्य कामों में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं, जन्म प्रमाण पत्र में नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी में संशोधन कराने वाले मामलों में भी दस्तावेजों की जांच जरूरी होती है। इसलिए आवेदकों को निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन करने और संबंधित कार्यालय से प्रक्रिया की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है।
रायपुर तहसील में लंबित आवेदनों के कारण अब लोगों की नजर इस बात पर है कि अनुमति प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम कर मामलों का जल्द निराकरण किया जा सके।

Facebook Conversations