जिले के शासकीय स्कूलों में आयोजित हो रहे समर कैम्प में लगभग 15 हजार से अधिक बच्चे हो रहे शामिल :
त्वरित खबरे : समर कैम्प के माध्यम से बच्चों को निहित प्रतिभा को तराशने का एक अच्छा अवसर - कलेक्टर

20 मई 2023

राजनांदगांव । जिले के शासकीय स्कूलों में आयोजित हो रहे समर कैम्प में लगभग 15 हजार से अधिक बच्चे शामिल हो रहे हैं। समर कैम्प के लिए बच्चों में खुशी और उत्साह का माहौल है। कलेक्टर डोमन सिंह ने आज छुरिया विकासखंड के ग्राम तेन्दुटोला, शिकारीमहका तथा किरगाहाटोला में संचालित समर कैम्प का आकस्मिक निरीक्षण किया। कलेक्टरसिंह ने कहा कि समर कैम्प के माध्यम से बच्चों को निहित प्रतिभा को तराशने का एक अच्छा अवसर मिलता है। परीक्षा के समय तनाव रहता है। लेकिन समर कैम्प में आप सभी खेलने एवं कुछ सीखने के नाम से आये हैं। जो सीखने का मन है, वह चाहे गीत-संगीत, चित्रकारी या अन्य कला सीखने का एक अच्छा अवसर है। उन्होंने शिक्षा विभाग की टीम को इसके लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाए दी। उन्होंने बच्चों से उनका परिचय लिया तथा समर कैम्प की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। समर कैम्पों के संचालन पर समुदाय से शिक्षकों एवं बच्चों से बेहतर संवाद स्थापित करते हुए कार्यक्रम की जानकारी भी दी। कार्यक्रम की सफलता के लिए सबकी स्वस्फूर्त प्रयास की सराहना की। दौरे में कलेक्टर के साथ जिले का प्रशासनिक अमला एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल थे। कलेक्टर  सिंह की टीम में एसडीएम डोंगरगांव  सुनील नायक, जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह, तहसीलदार श्रीमती अरूणिमा टोप्पो, सहायक परियोजना समन्वयक श्रीमती प्रणिता शर्मा,  नितिन हिरवानी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी  प्रशांत चितवरकर शामिल रहे।

कलेक्टर  डोमन सिंह द्वारा छुरिया विकासखंड मुख्यालय में संकुल समन्वयक एवं जिले के अधिकारियों की टीम से चर्चा की गई। फीडबैक लिया गया कि समर कैम्प में बच्चों की स्थिति कैसी हैं। शिक्षकों को क्या बेहतर लग रहा है। उन्होंने इस संबध में संकुल समन्वयकों से चर्चा की। जिसमें समन्वयकों ने बताया कि यह पहली बार है कि बच्चों के लिए समर कैम्प का आयोजन किया गया है। उनको पता चला कि गर्मी छुट्टी में बेहतर तरीके से बच्चों और शिक्षकों ने अपनी छुपी प्रतिभाओं को इस समर कैम्प के माध्यम से और भी निखारने का कार्य किया। सबने समर कैम्प का आनंद लिया और आगे भी बच्चे चाहते हैं कि इस तरह का आयोजन समय-समय पर होता रहे। सभी ने इसकी बहुत सराहना की और सभी ने कलेक्टर को  बच्चों तथा शिक्षकों के लिए किए गए नवाचार  कार्यक्रम की बहुत सराहना की। कलेक्टर ने सबसे फीडबैक लेने के पश्चात जिले स्तर पर 24 तारीख को इस समर कैम्प के समापन के पश्चात 26 मई को जिला स्तर पर गौरव पथ के निकट स्थित ऑडिटोरियम में जिले के चारों विकासखंड के उन सभी स्कूलों के शिक्षकों को जहां यह समर कैम्प संचालित किया गया है। सभी शिक्षकों को  शामिल होने आमंत्रित किया।  प्रत्येक स्कूल से कम से कम एक बच्चा इस कार्यक्रम में शामिल होगा जो समर कैम्प में शामिल रहे हैं। कलेक्टर ने जिला स्तरीय कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा की विस्तार से जानकारी सभी संकुल समन्वयक को सभी विकासखंड के अधिकारियों को  प्रदान की।

अन्य अधिकारियों ने भी किया समर कैम्प का निरीक्षण-

दूसरी टीम जिला शिक्षा अधिकारी  राजेश सिंह के नेतृत्व में बनी। जिसमें सहायक संचालक आदिम जाति कल्याण विभाग दीक्षा गुप्ता, पीएम फेलोशिप दिशा रावत एवं सहायक परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा  मनोज मरकाम शामिल रहे। जिन्होंने सड़क चिरचारी, भर्रीटोला और घोरतलाब सहित अन्य स्कूलों का निरीक्षण किया। वहां चल रहे समर कैम्प में बच्चों से बात की। जिला शिक्षा अधिकारी  राजेश सिंह ने बच्चों से पूछा कि उनके द्वारा उसकी क्लास रूम में जो जनसहयोग से स्मार्ट टीवी लगाई गई है। उसका क्या फायदा हुआ है तो बच्चों ने बहुत ही शानदार जवाब दिया कि स्मार्ट टीवी के माध्यम से उनको पहले बताया जाता है। उसमें जानकारी और समझ बनने के उपरांत ही पुस्तकों से शिक्षक पढ़ाते हैं और बहुत ही रूचिकर तरीके से उसका उपयोग किया जा रहा है।

तीसरे रूट पर जिला के मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा  सतीश ब्यौहरे एवं उनकी टीम के सदस्य  रफीक अंसारी,  परसराम झाड़े द्वारा छुरिया विकासखंड के कुमर्दा एवं सागर स्कूल में चल रहे समर कैम्प का निरीक्षण किया तथा वहां उपस्थित समुदाय से बच्चों से शिक्षकों से इस समर कैम्प के बारे में विस्तार से चर्चा की। उसके लाभ के बारे में बताया शिक्षकों ने भी बहुत रूचि से इस कार्य को स्वेच्छा से किए जाने की जानकारी दी। बताया कि बच्चे नहीं चाहते हैं कि समर कैम्प जल्दी समाप्त हो ।

चौथी टीम जिले के सहायक परियोजना अधिकारी  प्रभात मरकेले के नेतृत्व में बनाई गई थी। जिसमें सहायक परियोजना समन्वयक  केपी  विश्वकर्मा, सहायक परियोजना समन्वयक  आदर्श वासनिक इस टीम में रहे तथा उनके द्वारा बिसाहूटोला एवं आसपास के स्कूलों के समर कैम्पों का निरीक्षण किया गया। वहां भी उन्होंने समर कैम्प में बच्चों को आ रहे आनंद और शिक्षकों द्वारा  किए जा रहे कार्य की सराहना की।

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