-अस्पताल की सेवा व सुविधाओं में विस्तार के लिए जीवन दीप समिति की बैठक में लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में अनवरत वृद्धि हुई है।अस्पताल में स्त्री रोग, हड्डी रोग,नेत्र रोग, शिशु रोग, सर्जरी व मेडिसिन विभागों में सेवाओं के विस्तार के परिणामस्वरूप क्षेत्र के मरीजों को न सिर्फ राहत मिलने लगी है बल्कि हजारों रुपये खर्च वाले ऑपरेशन भी अब निशुल्क किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ उनकी आर्थिक बचत भी हो रही है।
गुजरे माह के अपेक्षाकृत ओपीडी में आने वाले मरीजों की तादाद भी बढ़ने लगी है। यहां प्रति माह लगभग 7,000 मरीज स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। इससे पूर्व जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई जीवन दीप की बैठक में जिला चिकित्सालय के मानव संसाधनों से लेकर अन्य तमाम आवश्यक पहलुओं पर चर्चा के पश्चात जनहित के कई निर्णय लिए गए हैं। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीसी प्रभाकर ने बताया, “ बैठक में लैब जांच की रिपोर्टिंग, सोनोग्राफी में फार्म एफ की ऑन लाइन प्रविष्टि करने हेतु एक डेटा एंट्री ऑपरेटर, लेबर रूम में कार्य हेतु दैनिक मानदेय पर एक वार्ड आया की भर्ती की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त ब्लड बैंक में कार्य करने के लिए 1 मेडिकल लैब लेक्नॉलॉजिस्ट की भर्ती पर भी सहमति दी गई है। इसी तरह जिला चिकित्सालय कबीरधाम में ईटीपी, ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट, सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई के संचालन, अस्पताल के समस्त विद्युत सुधार एवं नल-जल मरम्मत कार्य हेतु इलेक्ट्रिशियन सह प्लम्बर की जीवन दीप समिति फंड से नियुक्ति हेतु सर्व सम्मति से निर्णय पारित किया गया है”।
उन्होंने बताया, “बैठक में सर्वप्रथम पारित प्रस्ताव का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें मरीजों के हित के लिए जिला अस्पताल में सीटी स्कैन व सोनोग्राफी आदि सेवाओं हेतु निजी अस्पताल से चर्चा कर अनुबंध करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अनुसार यह कार्य भी अब पूर्ण कर लिया गया है। इस सुविधा से अब तक 34 मरीज यूएसजी ब 15 सीटी स्कैन से लाभान्वित हुए हैं”।
इन पर हुई चर्चा, लिए गए निर्णय
जिला चिकित्सालय में 44 नग नए पंखों की आवश्यकता, नए बेडशीट एवं कम्बल, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर की आवश्यकता पर चर्चा हुई, इसके लिए बेडशीट व कम्बल आदि खादी ग्रामोद्योग से खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल में पानी की व्यवस्था हेतु 2000 लीटर के 3 पानी टंकी की आवश्यकता पर चर्चा हुई व चिकित्सालय के पीछे बने क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल की मरम्मत करने की अनुमति दी गई है।
बैठक में जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा सहित, जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शैलेन्द्र कुमार मंडल, सिविल सर्जन डॉ. पीसी प्रभाकर, पीएचई विभाग व लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, आरएमओ डॉ. स्वप्निल तिवारी, जीवन दीप समिति के सदस्य राजेश माखिजानी, अंकित शर्मा, अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक, मेडिकल ऑफिसर हॉस्पिटल कंसल्टेंट रीना सलूजा व दीपक ठाकुर समेत अन्य संबंधित उपस्थित थे।

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