जबलपुर के चरगवां क्षेत्र के घुघली गांव के पास नहर में एक लाश तैरती हुई  मिली,
त्वरित ख़बरें - नहर में हत्या कर फेंकी गई थी लाश:जबलपुर पुलिस ने महिला और उसके भतीजे को दबोचा, पूर्व प्रेमी से परेशान होकर रची थी कत्ल की साजिश

चरगवां के घुघली कैनाल में बीते 12 जनवरी को मिली लाश हत्या कर फेंकी गई थी। पीएम रिपोर्ट में गला घोट कर हत्या करने की बात सामने आई थी। जांच में पता चला कि मृतक का 16 साल पहले मोहल्ले की एक युवती से प्यार हो गया था। युवती की शादी हो गई। उसका घर परिवार बस गया। बावजूद मृतक उसे भुलाने को तैयार नहीं था। परेशान होकर महिला ने भतीजे संग मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची और नौ जनवरी को हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है।

एएसपी शिवेश सिंह बघेल ने शनिवार को इस सनसनीखेज हत्या का खुलासा किया। बताया कि 12 जनवरी को चरगवां क्षेत्र के घुघली गांव के पास नहर में एक लाश उतराती हुई मिली थी। सरपंच राजाराम करपेती की सूचना पर टीआई विनोद पाठक ने शव को निकलवाते हुए पीएम को भिजवाया था। मृतक के शरीर पर गलाबंद, नीली जरकिन, चैक वाली शर्ट, काला पैंट, नीला जूता था। मौके पर एफएसएल डॉक्टर नीता जैन भी पहुंची थी। उसके गले पर कसाव का निशान था।

लाश की पहचान कैलाशपुरी गुप्तेश्वर गोरखपुर निवासी संदीप वागरे (40) के रूप में हुई। पुलिस को ये भी पता चला कि संदीप वगारे नौ जनवरी की शाम सात बजे घर से निकला था। तब से उसका पता नहीं चल रहा था। दो दिन पहले पुलिस को पीएम रिपोर्ट से पता चला कि संदीप वागरे की हत्या गला घोंट कर की गई है। संदीप के गले में मफलर लिपटा मिला था। इसी से उसका गला घोटा गया था। चरगवां पुलिस ने हत्या व शव छुपाने का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया था।

आखिरी कॉल से पुलिस ने गुत्थी सुलझाई

पुलिस ने संदीप वागरे के मोबाइल का कॉल डिटेल निकलवाया। उसकी आखिरी बात लक्ष्मी शिवहरे (44) पति शरद शिवहरे निवासी धूमा जिला सिवनी हाल निवासी हाथीताल कालोनी गोरखपुर से होना मिला। पुलिस ने लक्ष्मी को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया तो इस मर्डर की गुत्थी सुलझती चली गई। लक्ष्मी संदीप वागरे के मोहल्ले में रहती थी। शादी के 16 साल पहले तक उनके प्रेम संबंध थे। लक्ष्मी की शादी हो गई तो वह धूमा में रहने लगी। दो साल से वह पति के साथ आकर हाथीताल में रहने लगी।

संदीप वागरे की हरकतों से हो गई थी परेशान

हाथीताल में संदीप वागरे उसके घर के आसपास मंडराने लगा। लक्ष्मी को लगा कि उसकी गृहस्थी बर्बाद हो जाएगी। उसने कई बार संदीप को समझाने की कोशिश भी की। संदीप वागरे की पत्नी छोड़कर चली गई है। वह अक्सर लक्ष्मी का पीछा करता। उसके घर के सामने खड़ा हो जाता। उसके घर में घुसने का प्रयास करता था। परेशान होकर उसने अपनी बड़ी बहन के बेटे कपिल राय निवासी नरसिंहपुर से चर्चा की और उसकी हत्या के लिए तैयार किया।

सात जनवरी को कपिल को बुलाया

पुलिस ने कपिल को भी दबोच लिया। कपिल ने बताया कि वह सात जनवरी को जबलपुर आ गया था। नौ जनवरी को उसने मौसी लक्ष्मी के मोबाइल से संदीप को कॉल कर कृपाल चौक बुलाया। वहां से संदीप को लेकर तिलवारा के रास्ते चरगवां ले गया। रास्ते में संदीप वगारे को अधिक शराब पिलाई। जब वह नशे में धुत हो गया तो घुघरी सोमती पुल के ऊपर ले जाकर अपने मफलर से संदीप का गला घोट दिया और शव को नहर में फेंक दिया।

मोबाइल, पर्स व दोपहिया वाहन जब्त

संदीप का मोबाइल व पर्स अपने पास रख लिया था। पुलिस ने संदीप व लक्ष्मी की निशानदेही पर संदीप का मोबाइल, पर्स और वारदात में प्रयुक्त उसकी दुपहिया वाहन जब्त कर लिया है। रविवार को आरोपियों को जेल में पेश किया जाएगा। खुलासे में प्रभारी बरगी सीएसपी अपूर्वा किलेदार, टीआई विनोद पाठक और क्राइम ब्रांच टीम की भूमिका रही।

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