ग्रामीण अंचल के भूमिहीन परिवारों को राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना से मिल रहीं आर्थिक मदद
त्वरित खबरे : हितग्राहियों को 14 करोड़ 27 लाख रूपए हुए प्राप्त :

29 मार्च 2023

राजनांदगांव । शासन द्वारा ग्रामीण अंचल के भूमिहीन परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों को आर्थिक सहायता मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों के लिए शुरू की गई यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए सहारा बनी है। ऐसे परिवार जिनका मजदूरी के अलावा कोई अतिरिक्त आय का साधन नहीं है, उन्हें आर्थिक रूप से मदद पहुंचाने में यह योजना मददगार साबित हुई है। इस योजना के तहत ऐसे परिवार जिनके पास खेती की जमीन नहीं है और वे मनरेगा या कृषि मजदूरी से जुड़े चिन्हांकित हितग्राही परिवार के मुखिया को प्रति वर्ष 7 हजार रूपए अनुदान सहायता राशि एक अथवा दो किश्तों में दी जाती है।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में जिले के हितग्राहियों को 14 करोड़ 27 लाख 27 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई है। जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 11 हजार 783 हितग्राहियों को 2000 रूपए के मान से प्रथम किश्त की 2 करोड़ 35 लाख 66 हजार रूपए एवं 11 हजार 776 हितग्राहियों को 2000 रूपए के मान से द्वितीय किश्त की 2 करोड़ 35 लाख 52 हजार रूपए प्राप्त हुए हैं। इस तरह वित्तीय वर्ष 2021-22 में 4 करोड़ 71 लाख 18 हजार रूपए की राशि हितग्राहियों को प्राप्त हुई है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 13 हजार 318 हितग्राहियों को 2000 रूपए के मान से प्रथम किश्त की 2 करोड़ 66 लाख 36 हजार रूपए एवं 13 हजार 371 हितग्राहियों को 2000 रूपए के मान से द्वितीय किश्त की 2 करोड़ 67 लाख 42 हजार रूपए तथा 14 हजार 77 हितग्राहियों को 3000 रूपए के मान से तृतीय किश्त की 4 करोड़ 22 लाख 31 हजार रूपए प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2022-23 में 9 करोड़ 56 लाख 9 हजार रूपए की राशि हितग्राहियों को प्राप्त हुई है।

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