दुर्ग जनपद के मुखिया देवेंद्र देशमुख पर रोजगार सहायक ने लगाया गंभीर आरोप !!
त्वरित ख़बरें:-

दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के ग्राम पंचायत अंडा में रोजगार सहायक के द्वारा की गई धांधली उजागर होने के मुद्दे पर जमकर जनपद पंचायत दुर्ग में बहस हुई जो प्रमुखता से वेब पोर्टल एवं अखबारों में प्रकाशित हुई थी जिस पर आज पर्यंत कार्यवाही नहीं होने से आवेदक तेजराम चौहान निवासी अंडा को प्रशासन से अब उम्मीद नहीं रह गई है। तेजराम चौहान ने कहा कि एक रोजगार सहायक की धांधली को उजागर करने पर मुझे बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन उससे ज्यादा तरस जिला पंचायत एवं प्रशासन में बैठे अधिकारियों पर आता है जिन पर अंडा पंचायत का रोजगार सहायक भारी पड़ रहा है।

रोजगार सहायक ने जिला पंचायत द्वारा गठित जांच टीम के सामने फिर से अपने बयान को बदल दिया। और किसी तीसरे व्यक्ति को जिसका इस केस से कोई लेना-देना नहीं उसका नाम लेकर फिर गुमराह किया। सूचना के अधिकर के तहत मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत दुर्ग में रोजगार सहायक ने बयान दिया है कि क्षेत्रीय जनपद सदस्य मनीष चंद्राकर व जनपद अध्यक्ष दुर्ग देवेंद्र देशमुख ने इस मामले पर पैसों की मांग की है। इस पर जिला पंचायत की टीम के सामने रोजगार सहायक गोवर्धन जोशी ने उस बयान से मुकर कर माफी मांग ली और वेब पोर्टल में खबर प्रकाशित करने वाले गुलाब देशमुख का नाम ले लिया जबकि इस मामले में कोई उनका लेना-देना ही नहीं है।

लेकिन उस रोजगार सहायक का रुतबा और पहुंच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिला पंचायत ने अपनी जांच के 1 महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी प्रतिवेदन नहीं बनाया है।

इस मामले पर आवेदक तेजराम चौहान ने बताया कि ग्राम पंचायत सरपंच अंडा, रोजगार सहायक को बचाना चाहती है। जो अपने आप में एक सवाल है? यह बात साबित भी होता है कि सरपंच उमा देवी चंद्राकर द्वारा दिए बयान में रोजगार सहायक का ही पक्ष लिया गया है। उनका पुत्र पूकेश चंद्राकर भी कांग्रेसी नेता है और बड़े ओहदे वाला है।

इसीलिए शायद यह लेटलतीफी हो रही है जहां मनरेगा जैसे केंद्र शासन की महत्वाकांक्षी योजना में हो रहे धांधली पर एक रोजगार सहायक को बचाने की चेष्टा आखिर इतनी हिम्मत से कोई अधिकारी कैसे कर रहा है।

जनपद पंचायत में एकमत होकर सभी ने रोजगार सहायक को हटाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था। ग्रामीण सरकार में जनपद पंचायत और जिला पंचायत की सत्ता भी कांग्रेस की है, लेकिन इस पर दोनों सदन एक दूसरे की अवहेलना कर रहे है।

यह  इलाका गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का है उनके राज में पंचायत में एक रोजगार सहायक धांधली कर लेता है पकड़ा भी जाता है और पार्टी के ही क्षेत्रीय नेताओं पर ताम्रध्वज साहू के बेहद करीबी जनपद अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख पर 50000 रुपए मांगने का इल्जाम लगाकर बच भी जाता है आखिर कैसे?

इस पर जनपद अध्यक्ष से पक्ष जानने की कोशिश की गई तो फोन रिसीव नहीं किया गया।

सूचना के अधिकार लगाने वाले तेजराम चौहान ने बताया कि मेरे खिलाफ गोवर्धन जोशी के एक रिश्तेदार द्वारा भी झूठा रिपोर्ट लिखवा कर अभी थाने के चक्कर कटवाया जा रहा है और दर दर भटकना पड़ रहा है। तेज राम अब कार्यवाही नहीं होने से भयभीत है, न्याय की उम्मीद भी कम रह गई है। इसे अंधेर नगरी चौपट राजा कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।

आखिर समझने वाली बात है कि भ्रष्टाचार करने वाले रोजगार सहायक को बचाने की जुगत में कांग्रेस सरकार आखिर कार्यवाही क्यों नहीं होने दे रहे ये गंभीर सवाल है।

(उपरोक्त खबर से संबंधित दस्तावेज हमारे पास उपलब्ध है।)

YOUR REACTION?

Facebook Conversations