CGPSC-2020 के नतीजे शुक्रवार को जारी कर दिए गए हैं। इसमें भिलाई की प्राची ठाकुर ने डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित होकर अपने परिवार में अधिकारियों की संख्या को और बढ़ा दिया है। प्राची के परिवार में पहले से ही कई लोग पीएससी और आईपीएस लेवल के अधिकारी हैं। प्राची ने 2019 में भी पीएसएसी की परीक्षा पास की थी।
मगर डिप्टी कलेक्टर नहीं बन पाने के कारण उन्होंने दुबारा 2020 में एग्जाम दिया और अब वह डिप्टी कलेक्टर बन गई हैं। प्राची ने बताया कि उन्होंने दुबारा परीक्षा देकर डिप्टी कलेक्टर बनना इसलिए तय किया, क्योंकि उन्हें अपने दादाजी का सपना पूरा करना था।
प्राची बताती हैं कि उनके दादा बस्तर संभाग के पहले डिप्टी कलेक्टर अधिकारी थे। वह हमेशा प्राची से कहा करते थे कि उनका सपना है कि प्राची डिप्टी कलेक्टर बनकर उनका नाम रोशन करे। प्राची का सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए संदेश है कि एक बार किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए ठान लो तो उसे पूरा करके ही रुको।
सफलता पाने में कई बार असफलता का सामना करना पड़ता है। अगर आप असफलता से निराश हो गए तो कभी लक्ष्य को भेद नहीं पाओगे। प्राची ने भी अपने लक्ष्य को पाने के लिए कई बार असफलता का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी और आज उन्हें सफलता हासिल हुई है।
प्राची ठाकुर अपने पापा, मां, भाई और बहन के साथ।
दादा ने 1961 में पास की PSC परीक्षा
प्राची ठाकुर ऐसे घर से जहां एक दो नहीं बल्कि कई लोग अच्छे और बड़े-बड़े सरकारी पदों पर हैं। प्राची के दादा स्व. अजीत सिंह ठाकुर बस्तर संभाग के पहले डिप्टी कलेक्टर बने थे। उन्होंने 1961 पीएससी परीक्षा पास की थी। इसके साथ ही प्राची के पिता राकेश ठाकुर बीएसपी के फाइनेंस डिपार्टमेंट में सीनियर मैनेजर पद से रिटायर हुए हैं। उनकी मां गंगा ठाकुर मॉडल मिडिल स्कूल में एचएम हैं।
चाचा हैं धमतरी एसपी
प्राची के चाचा IPS प्रफुल्ल ठाकुर धमतरी एसपी हैं। चाचा विजय ठाकुर दुर्ग में ट्रैफिक इंस्पेक्टर हैं। बड़े पापा बीबी सिंह एडीजीपी पद से रिटायर हुए हैं। चाचा बृजेश ठाकुर कांग्रेस नेता हैं और बुआ डॉ. रश्मी सिंह भानुप्रताप कॉलेज में प्राचार्य हैं।
बड़ी बहन कृतिका ठाकुर दुर्ग में कॉमर्शियल टैक्स इंस्पेक्टर हैं। छोटा भाई गोवा में प्राइवेट जॉब करता है। प्राची ने डिप्टी कलेक्टर बनकर अपने परिवार का गौरव और बढ़ा दिया है। प्राची अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, गुरुओं और सभी दोस्तों को देती हैं।
सफलता की खुशियां मनाते परिवार के लोग
ट्रेनी इंजीनियर की पोस्ट से इस्तीफा दिया
प्राची ने बताया कि उनके दादा स्व. अजीत सिंह ठाकुर बस्तर संभाग के पहले डिप्टी कलेक्टर बने। वह जब भी प्राची को मिलते अपने पास बुलाते तो कहते थे कि अगर बनना है तो डिप्टी कलेक्टर ही बनना। उन्हीं के सपने को पूरा को पूरा करने के लिए प्राची ने जिंदल रायगढ़ से ट्रेनी इंजीनियर की पोस्ट से रिजाइन दिया।
2016 में पीएससी की तैयारी शुरू की और पहले प्रयास में प्री क्वालिफाइड किया। इसके बाद कई बार असफल हुईं फिर 2019 में अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के पद पर चयन हुआ। यह पोस्ट स्व. दादा के सपने को पूरा नहीं कर रहा था तो तैयारी जारी रखी और फिर CGPSC-2020 को पास कर अब डिप्टी कलेक्टर बनकर दादा के सपने को पूरा किया।

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