रायपुर Union Public Service Commission (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में इस बार Chhattisgarh के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। Raipur की वैभवी ने बेहतरीन रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं किसान परिवार से आने वाली दर्शना ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल कर अब IPS बनने का सपना पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। Dhamtari में पदस्थ एक DSP ने भी 623वीं रैंक हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इस वर्ष कुल 7 युवाओं ने UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस सफलता से पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है। छत्तीसगढ़ के युवाओं ने एक बार फिर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC सिविल सेवा परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया है। इस साल घोषित परिणामों में राज्य के 7 युवाओं ने सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवाओं में जगह बनाई है। खास बात यह रही कि इनमें शहरों के साथ-साथ ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अभ्यर्थियों ने भी अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राजधानी रायपुर की रहने वाली वैभवी ने इस बार राज्य में सर्वोच्च रैंक हासिल कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। बचपन से ही पढ़ाई में तेज वैभवी ने लगातार मेहनत और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया। परिवार और शिक्षकों का कहना है कि वैभवी हमेशा से प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करना चाहती थीं। उनकी सफलता से पूरे रायपुर में खुशी का माहौल है।
किसान की बेटी दर्शना बनेगी IPS
इस परीक्षा में एक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली दर्शना, जो एक किसान परिवार की बेटी हैं, ने भी यूपीएससी में सफलता हासिल की है। दर्शना का सपना भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जाकर समाज में कानून व्यवस्था को मजबूत करना है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आज उनकी मेहनत रंग लाई है। उनके गांव में लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
सात युवाओं ने राज्य का बढ़ाया मान
इस बार छत्तीसगढ़ के कुल 7 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता पाई है। इनमें कुछ उम्मीदवार प्रशासनिक सेवा (IAS) तो कुछ पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए चयनित हुए हैं। इन युवाओं की सफलता से यह साबित होता है कि राज्य के प्रतिभाशाली छात्र अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
परिवार और शिक्षकों में खुशी
सफलता की खबर मिलते ही अभ्यर्थियों के घरों में जश्न का माहौल बन गया। परिवार के लोगों ने मिठाई बांटकर और एक-दूसरे को बधाई देकर खुशी जाहिर की। शिक्षकों का कहना है कि इन युवाओं की सफलता राज्य के अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
युवाओं के लिए प्रेरणा
विशेषज्ञों का कहना है कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता के लिए लगातार मेहनत, सही मार्गदर्शन और धैर्य सबसे जरूरी है। छत्तीसगढ़ के इन युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
राज्य के युवाओं की इस सफलता से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गर्व महसूस हो रहा है। आने वाले समय में ये युवा प्रशासनिक सेवाओं में जाकर देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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