बिरसा मुंडा के आदर्शों को याद कर रोजगार और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
त्वरित खबरे : सौरभ

भिलाई भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद जिला दुर्ग एवं भिलाई के सिविक सेंटर स्थित बिरसा मुंडा चौक में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान परिषद के पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं आदिवासी समाज के गौरव भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और बिरसा मुंडा के संघर्षों एवं बलिदान को याद किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उनके विचार आज भी समाज को अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देते हैं। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने रोजगार का संकट गहराता जा रहा है। सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और कई परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है।

परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि मेहनत करने वाले लाखों युवाओं के सपनों पर पेपर लीक जैसी घटनाएं पानी फेर देती हैं। इससे न केवल युवाओं का मनोबल टूटता है बल्कि व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

सभा में जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज का जीवन प्रकृति से जुड़ा हुआ है और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। समाज के हितों से जुड़े विषयों पर एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर परिषद के कई पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे। सभी ने बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन बिरसा मुंडा अमर रहें और आदिवासी एकता जिंदाबाद के नारों के साथ हुआ।

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