कांकेर जिले में शुक्रवार को मौसम का बदला मिजाज एक बड़े हादसे का कारण बन गया। आकाशीय बिजली गिरने से ग्राम पंचायत के उपसरपंच समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच महिलाएं झुलस गईं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण मनरेगा कार्य के तहत तालाब गहरीकरण के काम में लगे हुए थे। इस दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कई मजदूर पास में स्थित एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। तभी तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के पास आ गिरी, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए।
हादसा इतना भयावह था कि उपसरपंच सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पांच महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौसम अचानक बदला और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। तेज चमक और धमाके के साथ बिजली गिरते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
इधर मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई जिलों में अंधड़, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
कांकेर की यह घटना एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर करती है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। इस दुखद हादसे ने मृतकों के परिवारों को गहरा सदमा दिया है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।

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