राजनांदगांव। स्वास्थ्य विभाग के सचिव एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित कटारिया के खिलाफ भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा की गई शिकायत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राजनांदगांव शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि एक ईमानदार अधिकारी के खिलाफ इस तरह की शिकायत भाजपा के वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देती।
हेमंत ओस्तवाल ने जारी बयान में कहा कि अमित कटारिया की पहचान प्रदेशभर में एक ईमानदार, कर्मठ और तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी के रूप में रही है। उन्होंने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल चार दशक से अधिक समय तक राजनीति में सक्रिय रहे हैं और मध्यप्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर रह चुके हैं। ऐसे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि को ईमानदार अधिकारियों का मनोबल बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद कुछ नए मंत्री और विधायक अपनी प्रशासनिक नाराजगी का ठीकरा अधिकारियों पर फोड़ रहे हैं। ओस्तवाल ने कहा कि यदि सरकार में कहीं भ्रष्टाचार या प्रशासनिक गड़बड़ी है तो उसके लिए ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को निशाना बनाना उचित नहीं है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पूर्व में जंबूरी कार्यक्रम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी कई आरोप लगाए गए थे, लेकिन आज तक उन मामलों में दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। उन्होंने मांग की कि सरकार ईमानदार अधिकारियों के बजाय भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और लंबित विभागीय जांचों को जल्द पूरा कराए।
हेमंत ओस्तवाल ने कहा कि विधानसभा में भी कई बार अधिकारियों द्वारा सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के आरोप सामने आए हैं। ऐसे में जनहित और सुशासन के लिए सरकार को भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि ईमानदार अधिकारियों को विवादों में घसीटना चाहिए।

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