दुर्ग। जिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कुठरेल निवासी पल्लवी और अतुल साहू के यहां महज 720 ग्राम वजन के अति-समयपूर्व जन्मे नवजात को दो माह से अधिक समय तक चले गहन उपचार के बाद स्वस्थ कर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। डिस्चार्ज के समय शिशु का वजन बढ़कर 1.4 किलोग्राम हो चुका था।
जानकारी के अनुसार, नवजात का जन्म दुर्ग जिला अस्पताल में ही हुआ था। जन्म के समय उसे गंभीर श्वसन संबंधी समस्या थी, जिसके चलते तत्काल एसएनसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार शुरू किया गया।
एसएनसीयू में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वाई. किरण कुमार ने जन्म के शुरुआती समय में ही फेफड़ों में सर्फेक्टेंट थेरेपी देकर वेंटिलेटर सपोर्ट शुरू किया। पूरे उपचार की निगरानी एसएनसीयू नोडल अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष (पीडियाट्रिक्स) डॉ. आर.के. मल्होत्रा तथा एसएनसीयू प्रभारी डॉ. वाई. किरण कुमार ने की।
इलाज के दौरान नवजात को जरूरत के अनुसार उच्च श्रेणी की एंटीबायोटिक्स, कैफीन थेरेपी, सीपीएपी सपोर्ट और कई बार पीआरबीसी रक्त चढ़ाया गया। उपचार के दौरान समयपूर्व जन्म से जुड़ी आंखों की गंभीर समस्या रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी (आरओपी) विकसित होने पर एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन देकर सफल उपचार किया गया।
नवजात की देखभाल और उपचार में डॉ. आशीष साहू, डॉ. पूजा पांडे, डीएनबी रेजिडेंट डॉ. हेमंत, डॉ. सौरभ, एसएनसीयू सिस्टर इंचार्ज कीर्ति निर्मलकर, नर्सिंग स्टाफ और वार्ड आया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
चिकित्सकों ने बताया कि अत्यंत कम वजन वाले समयपूर्व नवजातों के उपचार में कंगारू मदर केयर (केएमसी) की अहम भूमिका होती है। नवजात की मां पल्लवी ने नियमित रूप से केएमसी अपनाई और उपचार में पूरा सहयोग दिया, जिससे शिशु के स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण मदद मिली।
चिकित्सकों ने इसे एसएनसीयू टीम की समर्पित सेवाओं, आधुनिक उपचार पद्धति और माता-पिता के सहयोग का सकारात्मक परिणाम बताया।

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