पूर्व मुख्यमंत्री का ट्वीट- जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है

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डॉ. रमन सिंह का ये तंज आदिवासियों की एक पदयात्रा की वजह से है। कोयला खनन के खिलाफ हसदेव अरण्य इलाके के सैकड़ों ग्रामीण बीते कुछ सप्ताह से पदयात्रा कर रहे हैं। वो 300 किलोमीटर का सफर तय कर बुधवार को रायपुर पहुंचे थे। इनसे मुख्यमंत्री की मुलाकात नहीं हो सकी थी। इन आदिवासियों के मुद्दे को दुनिया की मशहूर पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी सपोर्ट कर चुकी हैं। दूसरी तरफ प्रदेश में आदिवासी नृत्य महोत्सव भी होना है। इसका निमंत्रण देने कांग्रेस के नेता दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री और अफसरों से मुलाकात कर रहे हैं।

क्यों पदयात्रा कर रहे हैं आदिवासी
हसदेव अरण्य संघर्ष समिति के उमेश्वर सिंह अर्मो, रामलाल करियाम, बसंती दीवान, बजरंग पैकरा और आलोक शुक्ला ने मांग की कि हसदेव अरण्य क्षेत्र की समस्त कोयला खनन परियोजनाओं को निरस्त किया जाए। बिना ग्राम सभा सहमति के कोल बेयरिंग एक्ट 1957 के तहत किए गए सभी भूमि-अधिग्रहण को तत्काल निरस्त किया जाए। पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी कानून से भूमि-अधिग्रहण प्रक्रिया के पूर्व ग्राम सभा से अनिवार्य सहमति लेने के प्रावधान को लागू किया जाए।

रमन ने कहा- मैं अपना जन्मदिन नहीं मनाउंगा

अब डॉ. रमन सिंह ने अपना जन्मदिन भी न मनाने का फैसला किया है। इसे लेकर डॉ रमन ने एक संदेश भाजपा नेताओं को भेजा है। इस संदेश में लिखा है- 15 अक्टूबर को मेरा जन्मदिन है, लेकिन कवर्धा में हुई घटना के कारण मन व्यथित है। भूपेश सरकार ने मेरे निर्दोष कार्यकर्ताओ को जेल में बंद कर रखा है। मैंने विरोध स्वरूप कवर्धा, राजनांदगांव जिले समेत सभी कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया है। वर्चुअल माध्यम से ही शुभकामनाएं प्रेषित करें।