प्री-मानसून बारिश 29 मई से 5 जून तक संभव:90% भारत कवर करेगी, केरल में नमी कमजोर इसलिए अटका मानसून; UP के बांदा में तापमान 47.4°C

त्वरित खबरे ;हर्ष कुमार गुप्ता

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार बीच देश के लगभग 90 प्रतिशत हिस्सों में प्री-मानसून बारिश होने की संभावना जताई गई है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और आंधी देखने को मिल सकती है। लंबे समय से भीषण गर्मी और लू का सामना कर रहे लोगों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मानसून की रफ्तार केरल तट पर कमजोर पड़ गई है, जिसकी मुख्य वजह अरब सागर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त नमी का नहीं पहुंच पाना बताया जा रहा है। यही कारण है कि मानसून अपने तय समय से आगे बढ़ने में थोड़ा धीमा पड़ गया है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के बांदा में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जहां तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और लू के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। सड़कें दोपहर में सुनसान नजर आईं और लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे सकता है। किसानों के लिए भी यह बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी और जमीन में नमी बढ़ेगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली हवाओं के सक्रिय होने के बाद बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। वहीं, केरल में मानसून की कमजोर स्थिति के बावजूद जून के पहले सप्ताह में इसके तेजी पकड़ने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समुद्री नमी मजबूत हुई तो मानसून जल्द ही दक्षिण भारत से आगे बढ़कर मध्य और पूर्वी भारत की ओर रफ्तार पकड़ लेगा। फिलहाल देशभर में लोग भीषण गर्मी से राहत देने वाली इस संभावित बारिश का इंतजार कर रहे हैं।