भिलाई-चरोदा में टिकट से पहले ही चुनावी जंग शुरू: घर-घर पहुंच रहे दावेदार, मिठाई-उपहार बांटकर साध रहे मतदाता; महापौर पद पर भी घमासान...

त्वरित खबरे :- अमित यादव रिपोर्टिंग

भिलाई-चरोदा। नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी बिगुल बजने और भाजपा-कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा होने से पहले ही संभावित दावेदारों ने अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। कई वार्डों में एक ही पार्टी से दो-दो या उससे अधिक दावेदार सक्रिय हैं, जो घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं।

त्योहारी माहौल को चुनावी तैयारी के रूप में भुनाने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। कुछ संभावित प्रत्याशी घरों तक मिठाई और उपहार पहुंचा रहे हैं, वहीं कई दावेदारों ने प्रमुख चौक-चौराहों पर बड़े-बड़े होर्डिंग और पोस्टर लगाकर अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। टिकट मिलने से पहले ही शुरू हुई इस प्रतिस्पर्धा ने भाजपा और कांग्रेस के भीतर राजनीतिक खींचतान बढ़ा दी है।

40 वार्डों में 72 हजार से अधिक मतदाता

भिलाई-चरोदा नगर निगम के 40 वार्डों में कुल 72,247 मतदाता बताए गए हैं। इनमें 35,172 पुरुष और 36,074 महिला मतदाता शामिल हैं। महिला मतदाताओं की संख्या को देखते हुए संभावित प्रत्याशी उन्हें अपने पक्ष में करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हर दावेदार अपने जनसंपर्क और स्थानीय पकड़ के जरिए पार्टी नेतृत्व के सामने मजबूत दावेदारी पेश करना चाहता है।

महापौर पद के लिए सामाजिक समीकरण बड़ी चुनौती

नगर निगम में महापौर की कुर्सी को लेकर भी राजनीतिक दलों में अंदरूनी चर्चा तेज है। दो प्रमुख समाजों की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के सामने ऐसा चेहरा चुनने की चुनौती है, जिससे सामाजिक समीकरण और राजनीतिक संतुलन दोनों साधे जा सकें। पार्टी नेतृत्व दावेदारों के जनाधार, व्यक्तिगत प्रभाव और दूसरे नगरीय निकायों में मिले प्रतिनिधित्व को भी ध्यान में रख रहा है।

टिकट की देरी बढ़ा सकती है अंदरूनी नाराजगी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रत्याशियों की घोषणा में जितनी देरी होगी, टिकट के दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा और असंतोष उतना ही बढ़ सकता है। फिलहाल अधिकृत उम्मीदवारों की सूची का इंतजार है, लेकिन भिलाई-चरोदा में संभावित प्रत्याशियों ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व किसे टिकट देकर मैदान में उतारता है और किसकी दावेदारी अधूरी रह जाती है।