देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में देश के छह संस्थान ऐसे सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं, जो एक्स-रे की तस्वीरों का विश्लेषण कर हड्डियों की स्थिति से जुड़ी जानकारी देने में मदद करेंगे।
इस तकनीक के जरिए एक्स-रे में दिखाई देने वाली असामान्यताओं की पहचान करने और डॉक्टरों को जांच में सहायता मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, इस AI तकनीक की सटीकता करीब 97 प्रतिशत बताई जा रही है। हालांकि, यह सटीकता किन बीमारियों, परीक्षणों और परिस्थितियों में हासिल हुई है, इसकी पुष्टि संबंधित अध्ययन या आधिकारिक जानकारी से किया जाना जरूरी है।
AI आधारित यह तकनीक हड्डियों से जुड़ी समस्याओं की पहचान में डॉक्टरों के लिए सहायक साबित हो सकती है। इससे एक्स-रे रिपोर्ट के विश्लेषण में मदद मिलने और मरीजों की जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, AI से मिलने वाले परिणामों को चिकित्सकीय जांच के साथ देखना जरूरी है। यह तकनीक डॉक्टरों की सहायता के लिए है, न कि उनके निर्णय का विकल्प।