शिक्षक दिवस पर कलेक्टर बने शिक्षक, बच्चों को पढ़ाया सफलता का मंत्र; 8 गैरहाजिर शिक्षकों को नोटिस

त्वरित खबरें : अरुण रिपोर्टिंग

शिक्षक दिवस के मौके पर कलेक्टर ने अनोखी पहल करते हुए खुद शिक्षक की भूमिका निभाई। एकलव्य विद्यालय पहुंचकर उन्होंने बच्चों को पढ़ाया और पढ़ाई के साथ-साथ सफलता हासिल करने के जरूरी मंत्र भी दिए। इस दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, जरूरतें और विद्यालय में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान 8 शिक्षक अनुपस्थित मिले, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों से पढ़ाई, हॉस्टल, भोजन, खेलकूद और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत करने और समय का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान कलेक्टर का शिक्षक के रूप में बच्चों से संवाद करना चर्चा का विषय रहा। अधिकारियों को विद्यालय की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने और विद्यार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।