रायपुर/अंबिकापुर। नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद छत्तीसगढ़ के कई लोगों को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रदेश की दो महिला डॉक्टरों से संपर्क टूट गया है। इनमें अंबिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता करता राम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता भी शामिल हैं, जो यूनाइटेड किंगडम में चर्म रोग विशेषज्ञ हैं। वहीं बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है, जो फिनलैंड में डॉक्टर हैं।
नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के 9 नागरिकों की जानकारी
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार नेपाल की बाढ़ और भूस्खलन के बीच छत्तीसगढ़ से जुड़े 9 नागरिकों की स्थिति सामने आई है। इनमें दो लोगों के परिजनों से संपर्क स्थापित हो चुका है, जबकि रायपुर के 5 नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है।
भाजपा नेता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता लापता
अंबिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता करता राम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। वह इंग्लैंड में चर्म रोग विशेषज्ञ के तौर पर काम करती हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा स्थित रसुवागढ़ी इमिग्रेशन क्षेत्र में बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूट गया। प्रशासन संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर उनकी तलाश में जुटा है।
फिनलैंड में डॉक्टर डॉ. प्रियंका भी लापता
बिलासपुर निवासी 39 वर्षीय डॉ. प्रियंका चौधरी के भी नेपाल में लापता होने की सूचना है। वह फिनलैंड की नागरिक हैं। उनके परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर उनकी सुरक्षित तलाश के प्रयास कर रहा है।
रायपुर के 5 लोग सुरक्षित
राहत की बात यह है कि रायपुर के माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। पांचों 21 अगस्त को नेपाल गए थे और अब रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं।
राज्य सरकार नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की जानकारी जुटाने के साथ उनके परिजनों से भी लगातार संपर्क में है। नेपाल प्रशासन और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।