सुकमा पुलिस की नई पहल: चिंतागफा गांव पहुंचा ‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान, ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर मौके पर समाधान का प्रयास

त्वरित ख़बरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

सुकमा। सुकमा पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस लगातार ऐसे अभियान चला रही है, जिनका उद्देश्य पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास, सामाजिक समरसता और बेहतर संवाद स्थापित करना है। इसी कड़ी में सुकमा पुलिस ने ‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान का अर्थ ‘आपके द्वार’ है।

इस पहल के तहत पुलिस की टीम गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुन रही है और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली परेशानियों की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में काम कर रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस की टीम चिंतागफा गांव पहुंची। चिंतागफा देश में सबसे अधिक जवानों के शहीद होने वाले गांवों में शामिल है। यहां पुलिस की इस पहल की तस्वीर ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

गांवों की समस्याओं की होगी पहचान

‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं की पहचान करना है। पुलिस गांवों में जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है और उनकी समस्याओं की जानकारी जुटा रही है। प्राप्त शिकायतों और समस्याओं को संबंधित विभागों एवं प्रशासन तक पहुंचाकर उनके निराकरण का प्रयास किया जाएगा।

शिकायतों का त्वरित निराकरण

अभियान के तहत ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निराकरण कराने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार दूर स्थित कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी बात स्थानीय स्तर पर ही सुनी जाए।

सरकारी योजनाओं की जानकारी भी देगी पुलिस

इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके

पुलिस ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ उन्हें समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने का काम करेगी। इस तरह ‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान पुलिस और ग्रामीणों के बीच संवाद बढ़ाने के साथ-साथ जनसमस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सुकमा पुलिस की इस पहल से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे पुलिस और प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस प्रयास करना और शासन की योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है।