एथेनॉल प्लांट की स्थापना के नाम पर 1.48 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दिल्ली स्थित एक कंपनी और उससे जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित पक्ष ने एथेनॉल प्लांट के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरणों की आपूर्ति के संबंध में कंपनी से अनुबंध किया था। आरोप है कि कंपनी ने विभिन्न उपकरणों और सामग्री की आपूर्ति का दावा करते हुए फर्जी बिल और दस्तावेज प्रस्तुत किए तथा इसके आधार पर करीब 1.48 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त कर ली।
शिकायत में कहा गया है कि भुगतान मिलने के बावजूद कंपनी ने निर्धारित समय पर न तो सामान की आपूर्ति की और न ही परियोजना से संबंधित कार्य पूरा किया। बार-बार संपर्क करने और राशि वापस मांगने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग के आरोप सामने आने पर पुलिस ने संबंधित कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, अनुबंध दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला औद्योगिक परियोजनाओं और बड़े निवेश से जुड़े सौदों में सावधानी बरतने की आवश्यकता को भी उजागर करता है, जहां दस्तावेजों और आपूर्तिकर्ताओं की विश्वसनीयता की जांच अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।