रमजान अवकाश पर विरोधाभास उजागर — “डबल इंजन नहीं, डबल स्टैंडर्ड” सरकार; सलीम राज के इस्तीफे की मांग...

त्वरित खबरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अमीन मेमन के निर्देशानुसार आज प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसी क्रम में राजनांदगांव जिला अल्पसंख्यक विभाग, छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव के अध्यक्ष विपिन यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विपिन यादव, अल्पसंख्यक विभाग जिलाध्यक्ष शकील रिज़वी तथा प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक विभाग कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनीस खान ने संबोधित किया।अनीस खान ने कहा कि प्रदेश में “डबल इंजन” नहीं, बल्कि “डबल स्टैंडर्ड” की सरकार चल रही है — बयान कुछ और, कागज़ कुछ और और ज़मीनी सच्चाई कुछ और है। रमजान माह में शासकीय मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने का प्रावधान कोई नई घोषणा नहीं, बल्कि 02-12-2000 एवं 10-10-2005 के शासन आदेशों में स्पष्ट रूप से दर्ज नियम है, जो वर्तमान नियम पुस्तकों में भी उल्लेखित है। इसके बावजूद पहले वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज द्वारा इसे सरकार का निर्णय बताकर पत्र जारी किया जाता है और बाद में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में उसे भ्रामक बताया जाता है — यह गंभीर प्रशासनिक विरोधाभास है। उन्होंने मंत्रालय द्वारा जारी पत्र पर प्रश्नचिन्ह उठाते हुए कहा कि क्या भाजपा सरकार में मंत्री और अधिकारी भी पूर्व में शासन द्वारा बनाए गए नियमों से अनभिज्ञ हैं? यदि यह लापरवाही है तो दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही सलीम राज से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। आवश्यकता पड़ी तो सामूहिक निर्णय लेकर आंदोलन भी किया जाएगा।विपिन यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद से ही यह अवकाश का नियम कानून के रूप में प्रभावी है। ऐसे में आज सलीम राज जी को राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से बयान जारी कर समाज में भ्रम नहीं फैलाना चाहिए। स्थापित नियम को नया निर्णय बताकर प्रचार करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सरकार की मंशा पर भी प्रश्नचिन्ह लगता है।शकील रिज़वी ने कहा कि धार्मिक आस्था जैसे संवेदनशील विषय पर इस प्रकार की विरोधाभासी जानकारी देना समाज में अविश्वास पैदा करता है। सरकार को तुरंत स्थिति स्पष्ट कर जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।नेताओं ने संयुक्त रूप से सलीम राज से इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर आंदोलन के लिए मजबूर होगी।