राजनांदगांव को बजट में फिर किया गया नजरअंदाज – परमानंद वर्मा...

त्वरित खबरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत नवीन बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए युवा कांग्रेस नेता एवं लोधी समाज इंदामरा के अध्यक्ष परमानंद वर्मा ने कहा कि इस बार भी राजनांदगांव जिले को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बजट में बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं तो कीं, लेकिन राजनांदगांव जिले के लिए कोई ठोस सौगात या नई विकास परियोजना की स्पष्ट घोषणा नहीं की गई।वर्मा ने कहा कि जिले की जनता लंबे समय से संभागीय मुख्यालय की स्थापना, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, नए उद्योगों को प्रोत्साहन, व्यापारियों के लिए राहत पैकेज तथा शहर के अधूरे विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग कर रही है। बावजूद इसके बजट में इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ठोस प्रावधान नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जिले के साथ अन्यायपूर्ण है और इससे स्थानीय जनता में निराशा का माहौल है।उन्होंने विशेष रूप से शहर में फ्लाईओवर निर्माण के बाद प्रभावित व्यापारियों की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापारियों को आर्थिक राहत देने की आवश्यकता थी, लेकिन बजट में उनके लिए किसी विशेष योजना या पैकेज की घोषणा नहीं की गई। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।युवा कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। बेरोजगारी की समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन बजट में न तो नए रोजगार सृजन की ठोस योजना दिखाई दी और न ही बेरोजगारी भत्ता योजना को पुनः प्रारंभ करने की कोई घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि युवाओं की अपेक्षाओं को अनदेखा करना प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।वर्मा ने कहा कि राजनांदगांव को संस्कारधानी के रूप में जाना जाता है और यह एक ऐतिहासिक एवं औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। इसके बावजूद बजट में जिले की उपेक्षा किया जाना चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि सरकार आगामी पूरक बजट में राजनांदगांव जिले के लिए विशेष पैकेज और विकास योजनाओं की घोषणा करे, ताकि जिले के विकास को नई गति मिल सके और जनता को राहत मिल सके।अंत में वर्मा ने कहा कि यदि सरकार राजनांदगांव की अनदेखी करती रही तो आम जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने प्रदेश सरकार से पुनर्विचार कर जिले की जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील की।