अंबिकापुर से एक दुखद खबर सामने आई है। शंकरगढ़ थाना में पदस्थ आरक्षक देवस राम एक्का अपने पैतृक ग्राम घोरगड़ी, राजपुर पहुंचे थे। वहां से उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि उन्होंने जहर का सेवन कर लिया है और वे कोटगहना जंगल में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और गंभीर अवस्था में उन्हें राजपुर चिकित्सालय ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार और पुलिस विभाग में शोक की लहर है। राजपुर के ग्राम घोरगड़ी निवासी देवस राम एक्का शंकरगढ़ थाना में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे, जबकि उनकी पत्नी शंकरगढ़ में ही एक हाईस्कूल में लिपिक के रूप में कार्यरत हैं। देवस राम तीन दिन पूर्व अवकाश लेकर अपने गृहग्राम आए थे और इसी दौरान किसी काम से रायपुर भी गए थे। रायपुर से लौटने के बाद वे गांव के समीप स्थित कोटगहना जंगल पहुंचे, जहां से उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया कि उन्होंने जहर का सेवन कर लिया है और जंगल में पड़े हैं। सूचना मिलते ही परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और गंभीर अवस्था में उन्हें राजपुर चिकित्सालय ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार आत्महत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है और मामले की जांच जारी है।