दुर्ग : पद्म विभूषण तीजन बाई के इलाज के लिए कलेक्टर रिचा प्रकाश चौधरी ने बढ़ाए कदम...

त्वरित ख़बरें -सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

दुर्ग पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई आज बिस्तर पर अपनी जिंदगी के कठिन दौर से गुजर रही हैं। करीब डेढ़ साल पहले लकवे ने उनकी जिंदगी की चाल को रोक दिया, और तब से वे अपनी बीमारी से जूझ रही हैं। उनकी देखभाल करने वालों ने बताया कि बढ़ते इलाज के खर्चों ने परिवार को आर्थिक मुश्किलों में डाल दिया है।  दो महीने पहले बढ़े ब्लड प्रेशर की वजह से उनकी फीजियोथेरेपी बंद हो गई थी, जो अब तक शुरू नहीं हो पाई है। उनके परिवार ने दुर्ग कलेक्टर रिचा प्रकाश चौधरी से मदद की अपील की थी। इसके बाद कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए इलाज के खर्च के लिए पुनः आवेदन मांगा है।  एक समय था जब तीजन बाई की आवाज पंडवानी के माध्यम से रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों को सजीव कर देती थी। लेकिन आज वही आवाज आर्थिक तंगी और सामाजिक उपेक्षा की वजह से धीमी पड़ गई है। सरकार से मिलने वाली 4,366 रुपये की पेंशन उनके इलाज के खर्च के सामने ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।  उनकी जमा पूंजी से ही उनके इलाज का प्रबंध हो रहा है, लेकिन यह कब तक चलेगा? परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि वे लंबे समय तक इस बोझ को उठा सकें।  जो लोग कभी उनके सुनहरे दिनों में उनके साथ खड़े थे, उन्होंने आज इस कठिन समय में उनसे दूरी बना ली है। यह समाज की उस सच्चाई को उजागर करता है, जहां शोहरत के दिनों में अपार समर्थन मिलता है, लेकिन कठिन समय में लोग किनारा कर लेते हैं।