सेल में पहली बार बहुमत के आधार पर किए गए वेज रिवीजन समझौते का विरोध शुरू हो गया है। समझौते में हस्ताक्षर करने से इंकार करने वाली सीटू ने मंगलवार को बोरिया गेट के सामने एक घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने ड्यूटी ज्वाइन की। प्रदर्शन की वजह से ड्यूटी प्रभावित न हो इसके लिए यूनियन की ओर से सुबह 8 से 9 बजे तक प्रदर्शन का समय पहले से तय किया गया था।
21 अक्टूबर को एनजेसीएस में वेतन समझौता वार्ता में बहुमत के आधार पर एमओयू साइन करने को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया गया। बैठक में कुछ यूनियनों ने आम सहमति से पीछे हटकर निर्णय को लेकर आपत्ति की। सीटू नेताओं ने कहा कि एमओयू के आधार पर समझौता होने से युवा कर्मियों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा। क्योंकि 10 वर्षीय वेतन समझौता अवधि होने के कारण 2026 तक वेतनमान में कोई परिवर्तन नहीं होगा। वर्ष 2026 के बाद ही होने वाले वेतन समझौता में उन्हें मर्जिंग बेनीफिट मिलेगा।

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