तपते अस्पतालों में जच्चा-बच्चा पर संकट: तापमान 44 डिग्री और बरामदे में प्रसूता और नवजात
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 23 अप्रैल 44 डिग्री तापमान में अस्पतालों में मरीजों का हाल बेहाल हैं। हालात ये हैं कि नवजातों को उनकी दादी, नानी, मौसी गोद में लेकर घूमाती रहती हैं। पहली मंजिल पर बने प्रसूता वार्ड के बरामदे में फर्श पर नवजातों को लेकर बैठ जाते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों को भीषण गर्मी में पसीने से तरबतर होते हुए अपना इलाज कराना पड़ रहा है। अस्पताल में लगे पंखे भी गर्मी में गर्म हवा दे रहे हैं। तीमारदार शिकायत करते हैं, तो जिम्मे

दूसरी मंजिल पर होने के कारण वार्ड की दीवारों और छत गर्मी से तपती हैं। इससे वार्ड में भर्ती महिलाओं समेत बच्चों व उनके परिजनों का बुरा हाल है। अस्पताल में भर्ती मरीजों की कई बार गर्मी के कारण तबीयत खराब हो रही है। वहीं तापमान अधिक होने से अस्पताल में भर्ती जच्चा और नवजात बच्चों का बुरा हाल हो रहा है।

जगनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर डिलीवरी रूम में दो पलंग व शिशु का वजन तोलने की व्यवस्था है। यहां एक साथ दो महिलाओं की डिलीवरी एक साथ हो सकती है। यहां प्रसव कक्ष में पंखे व एसी लगे हुए हैं। प्रसव के बाद महिला को वार्ड रूम में रखा जाता है। यहां चार पलंग बिछे हुए हैं। उसमें पंखे लगे हुए है। दोपहर को ये पंखे गर्म हवा फेंक रहे थे। वार्ड में सफाई की अच्छी व्यवस्था है। यहां शुक्रवार को डॉ. प्रकाशवती ड्यूटी पर उपस्थित मिलीं।

 

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