26 फरवरी 2023
राजनांदगांव। ग्राम मोखला, जीवन में हर कोई मस्त रहना चाहता है, किन्तु आज मस्त आदमी का मिलना बड़ा मुश्किल है, क्योंकि अधिकांश लोग शारीरिक पूर्ति में ही मस्ती ढूंढते है, जबकि जिसका तन व मन स्वस्थ होता उसी के जीवन में असली मस्ती आती है! यह बात राष्ट्रीय संत प्रभाकर साहेब ने मोखला में दो दिवसीय सत्संग समारोह के समापन पर श्रदालुओं को सम्बोधित करते हुए कही! उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन व परिस्थितियां भिन्न भिन्न होती है इसलिए बिना बिचारे किसी की नकल न करें जैसे एक भेड़ नदी में कूद जाने पर सबको बचाना मुश्किल होता है बिना सोचे किसी का साथ देने से सामूहिक नुकसान उठाना पड़ता है!
प्रभाकर साहेब ने कहा कि वयक्ति के जीवन का स्पष्ट लक्ष्य न होने तथा महत्वाकांक्षा बढने के कारण तनाव व डिप्रेशन जैसी स्थिति पैदा हो जाती है! इससे बचने के लिए निष्काम कर्म करें! जो पुरषार्थ करने से कतराता है उसकी देवता तो क्या घरवाले भी मदद नहीं करते!
संत गुरुबोध ने कहा कि व्यक्ति की बाणी व कर्म का फल तो देर से आता है किन्तु सोंच का परिणाम तुरंत मिलता है गलत सोंच से वयक्ति दुखी हो जाता है, और सही सोंच में तत्क्षण प्रसन्नता मिलती है, इसलिए अच्छा सोचने की आदत डाले!
शांति साहेब ने कहा कि हमार व्यवहार बिगड़ जाता है तो घर परिवार में नर्क पेदा हो जाता है, सच से बड़ा कोई तपस्या नहीं और झूठ से बड़ा पाप नहीं! कार्यक्रम में संत सुबोध साहेब, कोटा, भूषण साहेब, पीपरिया, ने भी कबीर वाणी पर विचार दिये! अंत में बालाराम हिरवानी, रामेश्वरी साहू, गिरिश साहू, खिलेन्द्र हिरवानी, शत्रुघ्न हिरवानी , ईश्वरी दास, घनाराम सहित ग्राम वासियों ने संतो की पूजा आरती की तथा भण्डारे का आयोजन किया जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया!

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