तहसील ऑफिस का घेराव
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 31 मई 2022

रेंगाखार जंगल व आसपास के गांवों में पानी, बिजली और मोबाइल नेटवर्क समेत कई समस्याएं हैं। इसे दूर नहीं किया जा रहा है। इस बात से नाराज गाेंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने सोमवार को तहसील ऑफिस का घेराव कर दिया। घेराव के दौरान ग्रामीणों ने कई समस्याएं गिनाई।

उन्होंने क्षेत्र के हल्का नंबर- 4 व 5 के पटवारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। घेराव करने पहुंचे गोंगपा के पदाधिकारियों ने बताया कि उपतहसील तरेगांव जंगल में पदस्थ पटवारी खाता विभाजन, बटांकन, फौती नामांतरण और सीमांकन के लिए किसानों से 20 से 25 हजार रुपए घूस मांगते हैं। अध्यापन व्यवस्था के लिए स्कूलों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं का अटैचमेंट खत्म करने मांग की गई। बताया कि सत्ताधारी दल के नेताओं के परिवार से ताल्लुक रखने वाले कुछेक शिक्षक अटैचमेंट खत्म होने के बाद भी मूल स्कूलों में नहीं लौट रहे हैं। गोंगपा पदाधिकारियों ने इलाके में नेटवर्किंग परेशानी को दूर करने की भी मांग की।

बिजली बंद होने पर नेटवर्क नहीं आता
रेंगाखार जंगल तहसील क्षेत्र में बीएसएनल के टॉवर लगे हैं। लेकिन बिजली बंद होने पर मोबाइल नेटवर्क चला जाता है, जिससे इमरजेंसी मदद मिलने में दिक्कत होती है। यहां बीएसएनएल टॉवर बिजली कनेक्शन से जुड़ा है। अक्सर बिजली बंद होने पर मोबाइल नेटवर्क भी बंद हो जाता है।

मुख्यालय में नहीं रहते तहसीलदार और सचिव
घेराव करने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार और सचिव मुख्यालय में नहीं रहते हैं। इससे राजस्व कार्यों के लिए स्थानीय ग्रामीणों को भटकना पड़ता है। ग्राम पंचायत समनापुर जंगल का सचिव कार्यालय में नहीं बैठता। कभी- कभार ही यहां आता है। वहीं रेंगाखार तहसीलदार भी कार्यालय समय में अनुपस्थित रहते हैं।

200 ग्रामीणाें से काम लिए पर भुगतान नहीं
वन विभाग रेंगाखार जंगल और चिल्फी रेंज में करीब 200 ग्रामीणों से मजदूरी का काम लिया गया। तीन हफ्ते मजदूरी कराए लेकिन बीते 4 महीने बाद भी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। गोंगपा के पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने समस्याएं दूर करने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम तहसील ऑफिस में ज्ञापन सौंपा है।

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