शासकीय कमलादेवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन
Tvarit Khabren प्राचार्य डॉ. आलोक मिश्रा द्वारा स्वागत उद्बोधन में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कई देशों में सार्वजनिक अवकाश रहता है। यह प्रतिवर्ष 8 मार्च को महिला अधिकार आंदोलन के केन्द्र बिन्दु के रूप में मनाया जाता हैl

राजनांदगांव। शासकीय कमलादेवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव में 4 मार्च 2023 को प्रातः 11.30 बजे महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. आलोक मिश्रा की अध्यक्षता में महाविद्यालय की महिला एवं जेण्डर इश्यू प्रकोष्ठ एवं क्रीड़ा विभाग के तत्वाधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती हेमा देशमुख महापौर नगर पालिक निगम एवं जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष तथा सम्मानित अतिथि सुश्री नैना सिंह धाकड़ तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. बीएन मेश्राम प्राचार्य-शासकीय महाविद्यालय डोंगरगांव, डॉ. सुमन सिंह बघेल, प्राचार्य-शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय, राजनांदगांव श्रीमती सोनाली ओस्तवाल लिनेस जिलाध्यक्ष, श्रीमती माला शुक्ला लिनेस क्लब अध्यक्ष, श्रीमती शारदा तिवारी अध्यक्ष भूतपूर्व छात्रा संगठन तथा श्रीमती सिद्धी मिरानी संस्थापक, सिद्धी फाऊंडेशन उपस्थित हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। छात्राओं द्वारा अतिथियों के स्वागत में सुमधुर गान प्रस्तुत किया गया। महिला एवं जेण्डर इश्यू सेल की संयोजक डॉ. श्रीमती हरप्रीत कौर गरचा द्वारा मुख्य अतिथि श्रीमती हेमा देशमुख का स्वागत पुष्प पौध देकर किया गया। डॉ. नीता एस. नायर क्रीड़ाधिकारी द्वारा सुश्री नैना सिंह धाकड़ पर्वतारोही का स्वागत पुष्प-पौध देकर किया गया। लिनेंस क्लब के समस्त पदाधिकारियों का स्वागत पुष्प-पौध देकर किया गया। 

प्राचार्य डॉ. आलोक मिश्रा द्वारा स्वागत उद्बोधन में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कई देशों में सार्वजनिक अवकाश रहता है। यह प्रतिवर्ष 8 मार्च को महिला अधिकार आंदोलन के केन्द्र बिन्दु के रूप में मनाया जाता है, जो लैंगिक समानता, प्रजनन अधिकार और महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करता है। इसके साथ ही प्राचार्य द्वारा समस्त महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामना दी गई। डॉ. एचके गरचा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महिला अधिकार आंदोलन का एक बड़ा हिस्सा है, जो लैंगिक समानता, प्रजनन अधिकार और महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षिक करता है यह उद्देश्य तब पूरा होगा जब महिलाओं के खिलाफ होने वाले शोषण कम होंगे, जब अपराधिक मामले शून्य होंगे, जब महिला को पुरुष के समान दर्जा मिलेगा।

मुख्य अतिथि श्रीमती हेमा देशमुख ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों का सबसे अधिक प्रभाव यदि किसी पर पढ़ा है तो वह महिलाएं ही हैं। सभी देशों में महिलाओं की स्थिति विचार करने योग्य है। 21वीं शताब्दी में भी आज-कल महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित है। भारत में प्रारंभ से ही महिलाओं के वजूद को दरकिनार पहले से ही किया जाता रहा है। शायद हमें महिला दिवस मानने की आवश्यकता नहीं होती, यदि महिलाओं की स्थिति प्रारंभ से ही सही होती। अभी भी कई महिलाएं अशिक्षित, घरेलू हिंसा से पीड़ित व कुपोषित है। इसके लिए महिलाओं को खुद प्रयास करना होगा।

डॉ. नीता एस. नायर द्वारा मिस नैनासिंह धाकड़ का परिचय दिया गया। मिस नैना धाकड़ ने कहा कि वह स्वयं एक पर्वतारोही है। महिला किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं होती है। भूमि साहस के लिए उन्हें राष्ट्रपति महामहिम द्रौपतीमुर्मु जी के हाथों तेजिंग नागे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नैना सिंह धाकड़ देश की एवं छग की पहली महिला है, जिन्होंने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट एवं चौथी सबसे ऊंची चोटी माउंट लोहसे फतेह किया एवं देश का तिरंगा फहराया। पर्वतारोहण कठिन कार्य है फिर भी कुछ महिलाओं ने साहसपूर्ण ढंग से इस चुनौती को स्वीकार कर विजय हासिल की है। मिस नैना धाकड़ ने उपस्थित छात्राओं में अपने वक्तव्य से शिक्षा व अन्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

संचालन करते हुए डॉ. निवेदिता ए. लाल ने महिलाओं के सम्मान में एक कविता मैं औरत हूं इसका वाचन करते हुए कहा कि नारी, कोई सामान्य शब्द नहीं है, बल्कि एक ऐसा सम्मान है जिसे देवत्व प्राप्त हैए इसलिए नारी की तुलना देवी-देवताओं से की जाती है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि लिनेस क्लब की श्रीमती सोनाली ओस्तवाल, श्रीमती माला शुक्ला एवं समस्त सदस्यों द्वारा इंसीरेटर (डिस्ट्रॉयर मशीन) महाविद्यालय की छात्राओं के लिए उपहार स्वरूप प्रदत्त किया गया।

महाविद्यालय द्वारा लीनेंस क्लब के सदस्यों तथा समाजसेवा के कार्यों से जुड़ी श्रीमती शारदा तिवारी, श्रीमती सिद्धी मीरानी को सम्मानित करते हुए स्मृति चिन्ह शाल व श्रीफल भेंट किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी तथा पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. नीता एस. नायर क्रीड़ाधिकारी ने महाविद्यालय के कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अतिथियों, प्राध्यापक, अतिथि व्याख्याता, स्ववित्तीय जनभागीदारी शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्राओं एवं प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार बंधुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। साथ ही टेक्नीकल सहयोग के लिए आशीष मंडले, प्रकाश कोष्टा का भी आभार व्यक्त किया।

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