15/सितंबर/2022
कृषि को ग्रामीण अर्थव्यवस्था (rural economy) का अभिन्न अंग कहा जाता है. इसके माध्यम से पूरे विश्व में खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है और गांव के लोग अपना जीवन यापन करते हैं. किसान फल, फूल, सब्जियां, अनाज और औषधीय पौधों की खेती के साथ-साथ पशुपालन भी करते हैं, लेकिन इसी बीच एक अजीबोगरीब खेती करने का चलन बढ़ने लगा है. ग्रामीण अब सांपों की खेती (cultivating snakes) करने लगे हैं, जिसकी अच्छी खासी रकम मिलती है.
जानकारी के लिए बता दें कि चीन के झेजियांग प्रांत के जिक्सिकियाओ गांव (Jixiqiao village of Zhejiang) में लोग सांपों को पाल कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका, रूस, दक्षिण कोरिया, जर्मनी जैसे देशों में इस गांव के सांपों की काफी मांग है.
सांप की खेती या सांप पालन
भारत में सांपों की जैव विविधता (Snakes in India) के साथ-साथ धार्मिक महत्व भी है, लेकिन सांपों की गिनती दुनिया के सबसे खतरनाक और जानलेवा जानवरों में सबसे पहले होती है. सांपों का एक ही डंक इंसान को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दी, लेकिन चीन के झेजियांग प्रांत में स्थित जिक्सिकियाओ गांव में 30 लाख से ज्यादा सांपों को पाला या पालना जा रहा है, जिससे इस गांव के लोग कुछ पैसे कमाते हैं. वे खुद खिलाते हैं. चीन में सांप पालने की बहुत पुरानी परंपरा है. खासकर जिसिकियाओ गांव में 1980 से खेती की जगह सर्प पालन का धंधा (business of snake rearing) चल रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसिकियाओ गांव में 100 से ज्यादा स्नेक फार्म हैं, जहां 30 लाख गैर-जहरीले सांप जैसे कोबरा, अजगर, वाइपर, रैटल की खेती की जा रही है. इस गांव के 1000 से अधिक लोग अब सांप पालन से अपनी आजीविका कमाते हैं. सबसे खास बात यह है कि ये लोग न सिर्फ सांपों का पालन करते हैं, बल्कि सांपों की ब्रीडिंग भी करवाते हैं.
सांपों की खेती के लिए, सांपों के बच्चों को छोटे कांच या लकड़ी के बक्से में पाला जाता है. सर्दियों तक सांप के अंडे से सांप के अंडे निकलते हैं और कुछ समय बाद वे वयस्क हो जाते हैं, जिसके बाद उन्हें प्लास्टिक की थैलियों में पैक करके अमेरिका, रूस, दक्षिण कोरिया, जर्मनी जैसे देशों में बेचा जाता है.
सांप का क्या उपयोग है ?
हैरानी की बात यह है कि जहां लोग सांप को देखकर कांपने लगते हैं, वहीं चीन में लोग उसी सांप को अपनाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के झेजियांग प्रांत के जिक्सिकियाओ गांव (Jixiqiao Village of Zhejiang Province in China) में सांपों के विभिन्न अंग ऊंचे दामों पर बाजार में बिकते हैं, जिससे चीनी लोगों को मोटी रकम मिलती है. इस गांव में नाग वधशाला भी मौजूद है.
यहां सांप पालन का कारोबार इतना आगे बढ़ रहा है कि लोग खेती छोड़कर इस काम में निवेश करने लगे हैं. सांप के जहर से कैंसर की दवा (Cancer medicine with snake venom) या कीमो बनाई जाती है, जिससे कैंसर का जहर (cancer poison) पिघल जाता है. इसके अलावा सांप के जहर का इस्तेमाल चीन में त्वचा संबंधी कई समस्याओं और बीमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता है.
चीनियों को है इस सांप से खतरा
वैसे तो चीन में सांपों को पालने की एक खास परंपरा रही है, लेकिन इस काम में काफी सावधानियां बरतने की जरूरत है, क्योंकि सांप के काटने से ही इंसान की मौत हो जाती है. ऐसा ही एक जहरीला और खतरनाक सांप है फाइव स्टेप, जिससे आज भी जिसिकियाओ गांव, चीन और दुनिया के तमाम देश काफी डरे हुए हैं.
दरअसल, इस सांप के बारे में कई मान्यताएं हैं कि पांच कदम वाले सांप के काटने के बाद व्यक्ति पांच कदम चलते ही मौत की नींद सो जाता है. ऐसे खतरों के बीज चीन के झेजियांग प्रांत के जिक्सीकियाओ गांव में सांप पालन का काम खतरनाक और अद्भुत है.

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