20 फरवरी 2023
राजनांदगाँव। शहर , पूर्व में राजाओं का शहर था, जहाँ शहर का अस्तित्व बाग- बगीचों से ही अपनी पहचान बनाया हुआ था जैसे:- लाल बाग, बल्देव बाग, भूलन बाग , जिससे शहर में पर्यावरण बहुत ही स्वास्थ्य वर्धक था जहाँ अनेक प्रजाति के पक्षी सुबह- शाम बगीचों में एक मनमोहक एवं सुरीली अपनी तान से समस्त शहरवासियों का दिल जीत लिया करते थेे।
वर्तमान में शहर आबादी अनुपात बाग-बगीचों की कमी है। शहर में स्टेट हायर सेकेंडरी स्कूल हैं जहाँ अनेक छात्र-छात्राऐ अध्ययन करने आते हैं। जहाँ प्रिसिपल महोदय के कार्यालय के समीप बगीचें का परिसर हैं जो कि जीर्ण अवस्था में हैं। वर्षो पूर्व इस स्कूल में एक विषय बागवानी का होता था। जहाँ अनेक छात्रों ने बागवानी से ज्ञान प्राप्त कर देश - प्रदेश व समाज के लिए कृषि विज्ञान के लिए अपनी सोच बनाई थी प्रार्थी भी इसी स्कूल से बागवानी विषय लेकर अध्ययन किया था। इस स्कूल के समीप तहसील कार्यालय एवं लॉ कॉलेज हैं।
इस बगीचे की बाऊड्रीं दिवाल का निर्माण अति आवश्यक हैं तथा बगीचें में पौधों को जल दिया जा सकें। उसके लिए बोरिंग भी आवश्यक है एवं एक जल कुं ड भी बनाया जाये। हमारी नगर निगम की महापोर ने नगर मेंअनेक बगीचों की देख भाल व सुध ली है ।
समस्त छात्र-छात्राओं, तहसील वासियों एवं लॉ कॉलेज के छात्रों के हित में इसका जीर्णोद्धार किया जाये, इस विषय को प्रार्थी ने मौखिक आयुक्त महोदय एवं महापोर महोदया को भी विनम्र अवगत करा दिया गया था, जहाँ से उनकी सकारात्मक सहमति भी मिली थी । इस पत्र को मुख्य मंत्री भूपेश बघेल के आगमन पर सौपा गया था।

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