पूरे देश में 2025 के मध्य तक शुरू होगी ई-पासपोर्ट सेवा, जानें किसे बनवाना ज़रूरी होगा और क्या मिलेंगे फायदे..
त्वरित ख़बरें - दीपमाला शेट्टी रिपोर्टिंग

सरकार ने ई-पासपोर्ट इसलिए लाने का फैसला लिया ताकि लोगों का डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रह सके और डुप्लीकेट पासपोर्ट की समस्या से निजात मिल सके।

क्या है ई-पासपोर्ट?

ई-पासपोर्ट एक आधुनिक और हाईटेक दस्तावेज़ है।

यह पेपर पासपोर्ट के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक चिप से लैस होता है, जिसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) और एंटीना मौजूद होता है।

इसमें पासपोर्ट धारक की बायोमेट्रिक और पर्सनल जानकारी रहती है।

 कैसे पहचानें ई-पासपोर्ट?

पासपोर्ट के कवर के नीचे एक छोटा सा गोल्डन सिंबल होता है, जो इसके ई-पासपोर्ट होने की पहचान है।

क्यों है ई-पासपोर्ट फायदेमंद?

– डेटा में छेड़छाड़ की संभावना न के बराबर

– बायोमेट्रिक पहचान से गलत पहचान की गुंजाइश खत्म

– इंटरनेशनल ट्रैवल में प्राथमिकता मिलती है

– वीज़ा प्रोसेस और एंट्री में आसानी

 क्या पुराने पासपोर्ट होल्डर्स को बनवाना पड़ेगा नया ई-पासपोर्ट?

नहीं। जिनके पास मौजूदा पासपोर्ट है, वो उनकी वैधता पूरी होने तक मान्य रहेगा।

लेकिन जिन शहरों में ई-पासपोर्ट की सुविधा शुरू हो चुकी है, वहां नए आवेदनकर्ताओं को अब ई-पासपोर्ट ही मिलेगा।

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