पश्चिम एशिया तनाव का असर: भारत में बिजली संकट से निपटने की तैयारी तेज
त्वरित ख़बरें : ज़ाफ़रान खान रिपोर्टिंग

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने देश में बिजली और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। आगामी गर्मी के मौसम में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जो करीब 270 गीगावॉट तक हो सकती है। इस संभावित दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने कोयला आधारित बिजली उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आपूर्ति में किसी तरह की कमी न आए। इसके साथ ही ऊर्जा भंडारण क्षमता को मजबूत करने और वैकल्पिक स्रोतों के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और बिजली उत्पादन कंपनियों को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि देश में फिलहाल ऊर्जा संसाधनों की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए एहतियात बरतना जरूरी है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार का लक्ष्य है कि आम लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी संभावित संकट से समय रहते निपटा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखा गया, तो गर्मी के मौसम में बड़े संकट से बचा जा सकता है।

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