फ्यूचर-अमेजन केस में नया डेवलपमेंट:सिंगापुर की अदालत ने फ्यूचर रिटेल की अपील खारिज की, RIL से डील पर रोक का आदेश वापस लेने से मना किया
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सिंगापुर की एक मध्यस्थता अदालत ने इंडिया के रिटेल किंग किशोर बियानी की कंपनी फ्यूचर रिटेल की अपील खारिज कर दी है। कंपनी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के साथ हुई 3.4 अरब डॉलर की डील को रोकने के पिछले साल जारी आदेश को रद्द करने की अपील की थी। यह अमेजन इंक के लिए बड़ी खबर है, जो फ्यूचर रिटेल और RIL के सौदे को रोकने की कोशिश में जुटी है।

अमेजन फ्यूचर रिटेल पर लगा रही करार तोड़ने का आरोप

अमेजन का आरोप है कि फ्यूचर रिटेल ने उसके साथ किया करार पिछले साल RIL के साथ सौदा करके तोड़ दिया है। इसके उलट, फ्यूचर रिटेल का कहना है कि उसने अपने रिटेल एसेट्स रिलायंस को बेचने का सौदा करके कोई करार नहीं तोड़ा है।

सिंगापुर की अदालत ने पिछले अक्टूबर में रोक लगाई थी

पिछले साल अक्टूबर में सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में इस डील पर रोक लगा दी थी। फ्यूचर ग्रुप ने ट्राइब्यूनल से उस आदेश को वापस लिए जाने का अनुरोध किया था, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया है। फ्यूचर ग्रुप ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंजों को दी सूचना में कहा है, 'आर्बिट्रेशन ट्राइब्यूनल ने अंतरिम आदेश रद्द करने की अपील खारिज करने का आदेश जारी किया है।'

RIL को रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स बिजनेस बेचने का करार

विवाद तब शुरू हुआ था, जब देश की दूसरी सबसे बड़ी रिटेल कंपनी फ्यूचर रिटेल ने पिछले साल अपने रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और कुछ दूसरे बिजनेस को RIL के हाथों बेचने का करार किया था। देशभर में 1,700 से ज्यादा स्टोर वाली फ्यूचर रिटेल को यह कदम इसलिए उठाना पड़ा था क्योंकि उसका कारोबार कोविड के चलते बुरी तरह पिट गया था।

अमेजन का दावा, दूसरे को बिजनेस नहीं बेच सकती फ्यूचर

उधर, अमेजन फ्यूचर के कुछ रिटेल बिजनेस को खुद खरीदना चाहती थी, जिसके लिए उसने पहले ही करार किया हुआ था। अमेजन ने अपनी दलील में कहा था कि उसने फ्यूचर ग्रुप की रिटेल कंपनी के साथ 2019 में एक करार किया है। उस करार के एक क्लॉज के तहत फ्यूचर रिटेल अपना कारोबार RIL या किसी दूसरे (जिनका नाम करार में बताई गई लिस्ट में है) को नहीं बेच सकती।

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