नवा रायपुर में 30 दिनों से धरने पर बैठे किसान  राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं,
त्वरित ख़बरें - किसान पिछले 30 दिनों ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण भवन के सामने धरने पर बैठे हैं

नवा रायपुर में 30 दिनों से धरने पर बैठे किसान तीन फरवरी काे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं। नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, सरकार के तीन मंत्रियों और वरिष्ठ अफसरों को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है, अगर मुलाकात नहीं कराई गई तो नवा रायपुर क्षेत्र के ग्रामीण सड़क पर बैठ जाएंगे।

नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर ने बताया, समिति की ओर से कृषि मंत्री रविंद्र चौबे,वन,आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय विकास मंत्री डॉ. शिव डहरिया को एक पत्र भेजा है। ऐसा ही पत्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू और रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार को लिखा गया है। इसमें हमने कहा है, हमारा 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 3 फरवरी को राहुल गांधी से चर्चा करना चाहता है। इस चर्चा में नवा रायपुर के विकास से प्रभावित किसान परिवारों के साथ हुए अन्याय की बात की जाएगी। हम राहुल गांधी को बताना चाहते हैं, उनकी अगुवाई में बने भू-अर्जन पर पुनर्वास कानून के बावजूद उन्हें उनकी जमीन का चार गुना मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। बिना पुनर्वास के हमारी 20 हजार एकड़ जमीन छीनी जा चुकी है। हमसे 11-12 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से जमीन खरीदकर NRDA 1700 रुपए प्रति वर्गफीट की दर पर बेचकर कारोबार कर रहा है।

किसानों ने अपनी मांगे फिर दोहराई

  • सन 2005 से स्वतंत्र भू क्रय-विक्रय पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
  • प्रभावित 27 ग्रामों को घोषित नगरीय क्षेत्र की अधिसूचना निरस्त की जाए।
  • सम्पूर्ण ग्रामीण बसाहट का पट्टा दिया जाए ।
  • प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक वयस्क व्यक्ति को 1200 वर्ग फीट विकसित भूखण्ड का वितरण किया जाए।
  • आपसी सहमति भू-अर्जन के तहत अर्जित भूमि के अनुपात में शुल्क आवंटन।
  • अर्जित भूमियों पर वार्षिकी राशि का भुगतान तत्काल दिया जाए।
  • सशक्त समिति की 12वीं बैठक के निर्णयों का पालन हो।
  • मुआवजा प्राप्त नहीं हुए भू-स्वामियों को चार गुना मुआवजे का प्रावधान हो।

सरकार के जवाब का इंतजार, एक्शन की भी तैयारी

किसान नेताओं ने कहा, उन्हें अब सरकार के जवाब का इंतजार है। उनके जवाब से ही राज्य सरकार की नीति, नीयत और न्याय की मंशा स्पष्ट हो जाएगी। अगर सरकार ने मुलाकात नहीं कराई तो नवा रायपुर से प्रभावित सभी गांवों के किसान परिवार अपने घरों से निकलकर सभी सड़कों पर बैठ जाएंगे। किसानों ने कहा, जब तक उनको न्याय और अधिकार नहीं मिल जाता आंदोलन जारी रहेगा।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations