प्रदेश में गर्मी ने इस बार पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए हैं। मई महीने में लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल मई में पड़ रही गर्मी पिछले वर्ष की तुलना में कहीं ज्यादा तीखी साबित हो रही है। पिछले साल 12 मई को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो पूरे मई माह का सबसे अधिक तापमान माना गया था। लेकिन इस बार मई के तीसरे सप्ताह से ही पारा लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 मई को अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद गर्मी लगातार बढ़ती गई। 21 मई को तापमान 44.2 डिग्री, 22 मई को 44.8 डिग्री, 23 मई को 45 डिग्री और 24 मई को 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि इस बार तापमान पिछले साल की तुलना में 2 से 3 डिग्री तक ज्यादा पहुंच चुका है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और बाजारों में भी भीड़ कम दिखाई दे रही है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. जीके दास ने बताया कि इस बार गर्मी बढ़ने के पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों सूर्य की किरणें धरती पर सीधे पड़ रही हैं, जिससे वातावरण में अत्यधिक गर्मी पैदा हो रही है। इसके साथ ही दिन की अवधि भी बढ़कर सवा 13 घंटे से ज्यादा हो गई है। लगभग 9 से 10 घंटे तक तेज धूप और प्रकाश फैला रहता है, जिससे धरती लगातार गर्म हो रही है और तापमान तेजी से ऊपर चढ़ रहा है।
आज से नौतपा की भी शुरुआत हो चुकी है। भारतीय परंपरा में नौतपा को साल के सबसे गर्म नौ दिनों में माना जाता है। इस दौरान सूर्य की तपिश सबसे ज्यादा महसूस होती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह गर्मी का असर बना रहेगा और तापमान में ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है।
तेज गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर में घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है। पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने की अपील की जा रही है, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

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