लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मध्य प्रदेश में दो चरणों की मतदान की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। एमपी में वोटिंग प्रतिशत लगातार कम हो रहा है। निर्वाचन आयोग समेत बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गज मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कवायद में जुटे हैं। लेकिन प्रदेश के दिग्गज नेता और कैबिनेट मंत्री के माथे पर चिंता की लकीरें नजर ही नहीं आ रही हैं। वह इसे लेकर बेफिकर दिखाई दे रहे हैं।कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया की वोटिंग परसेंटेज दो चरणों में कम रहा तो वह बगले झांकते नजर आए और थैंक यू बोल कर चल दिए। ऐसे में यह तो जाहिर होता है कि वोटिंग परसेंटेज कम होने से कैबिनेट मंत्री को कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आ रहा है। आज इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में कैलाश विजयवर्गीय ने कई राजनीतिक सवालों के जवाब दिए लेकिन मतदान प्रतिशत कम होने और इसे बढ़ाने की कवायद को लेकर सवाल किया गया तो उनके पास इसका कोई जवाब नहीं था। बीजेपी ने इस लोकसभा चुनाव में 400 सीटों से ज्यादा पर जीत का दावा किया है। लेकिन हर एक वोटिंग चरण में मतदान प्रतिशत कम हो रहा है जो सभी दलों की चिंता बढ़ा रहा है, खासकर बीजेपी की। वोटिंग परसेंटेज बढ़ाने के बाद ही बीजेपी की नैया 400 पार लग पाएगी। लेकिन अगर कैलाश विजयवर्गीय जैसे बड़े नेता ही वोटिंग परसेंटेज बढ़ाने पर जोर नहीं दे पाएंगे तो शायद बीजेपी 400 सीट की मंजिल उनसे दूर हो जाए और फिर से केंद्रीय नेतृत्व कैलाश विजयवर्गीय से नाराज हो सकता है।
त्वरित ख़बरें -सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

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