13 अगस्त 2022
बता दें कि राजसमंद जिले में एक अपने परिवार के साथ भाई को राखी बांधने जा रही थी. इसी दौरान रास्ते में देवगढ़ उपखंड के नराणा पानडी रोड पर एक तेंदुआ घायल अवस्था में जाते हुए मिला, तो पानडी गांव की मातृशक्ति कंचन कंवर ने उसे रक्षासूत्र बांधकर शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और अपने परिजनों के सहयोग से वन विभाग को सौंप दिया.
आमतौर पर ऐसे फोटो और वीडियो केवल फिल्मों में दिखाई देते है. एक बहन ने रक्षाबंधन पर्व पर बिग कैट्स प्रजाति को राखी बांधकर ना सिर्फ उनके संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि उनकी लंबी उम्र की कामना की है.
बता दें कि राजस्थान के डूंगरपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर अनोखी हरिया परंपरा निभाई जाती है. इस रस्म के तहत घुनाथ मंदिर और लक्ष्मीनारायण मंदिर में पूजा अर्चना के बाद इस खास परंपरा की शुरुआत की जाती है. ग्रेजी वर्णमाला के टी आकार की लकड़ी हरिया की पूजा- अर्चना के बाद रघुनाथजी मंदिर परिसर में गाढ़ा गया.
इसके बाद अगले साल के मौसम की भविष्यवाणी जानने की परंपरा हुई. जिसमें अलग- अलग समाजों के चार प्रतिनिधि मिट्टी के कलशों में तालाब से पानी भरकर लाए. मिट्टी के कलशों पर बारिश के मौसम के आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद और अश्विन चारों महीने के नाम लिखे हुए थे. कलशों को हरिया की लकड़ी पर फोड़ा और टुकड़ों को इकठ्ठा कर देखा गया कि कलश पर लिखे महीनों के नामों के कितने अक्षर सुरक्षित है और कितने टूट चुके हैं.
माह के प्रत्येक अक्षर को दस दिन का मानकर देखा गया कि अगले साल का वर्षा योग क्या है. जितने शब्द टूटे हुए होते है उतने दिन वर्षा योग मानकर आगामी वर्ष के वर्षा योग की घोषणा की गई.

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