19 फरवरी 2023
उज्जैन। महाशिवरात्रि पर्व (Mahashivaratri) के अवसर पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन (Ujjain) में महाकाल बाबा दूल्हा बने। महाकाल के सिर पर विदेशी फूलों का सेहरा सजाया गया। वहीं विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar temple) में महाकाल के दरबार पर आस्था का सैलाब उमड़ा और श्रद्धालुओं का एक नया रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। शिवरात्रि के दिन महाकाल का दर्शन 15 लाख श्रद्धालुओं ने किया। इसके साथ ही 150 क्विंटल लड्डू प्रसादी की रिकार्ड तोड़ बिक्री हुई। आज दोपहर महाकाल बाबा की भस्म आरती की जाएगी जो वर्ष में एक बार की जाती है।
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में विराजित भगवान महाकाल तीनों लोको के अधिपति है। जब राजा सेहरा सजाते है तो भक्त उनसे आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर पहुंचते हैं। महाकालेश्वर मंदिर में भी यह अनूठी परंपरा निभाई जाती है। जो किसी और ज्योतिर्लिंग अथवा मंदिर में देखने को नहीं मिलती है।
वर्ष भर में एक बार प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर के दरबार में भगवान को दूल्हा बनाकर उनकी सेहरा आरती की जाती है। महाशिवरात्रि के दूसरे दिन इस अनूठी परंपरा का निर्वहन महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी और पुरोहित ने किए। इस दौरान प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के अगले दिन भगवान के ऐसे रूप के दर्शन होते है। जिसे देखने के लिए शिवभक्त वर्ष भर तक इंतजार करते है।
भगवान महाकाल का देश विदेश से आए अलग-अलग फूलों के साथ सप्तधान्य, चांदी, भांग, केसर, चंदन, सुगंधित इत्र, फल आदि से श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद भगवान की आरती और पूजा होती है। जब भगवान दूल्हा बनकर सेहरा सजा लेते है तो बाबा महाकाल के भक्त पलक पावडे बिछा कर उनका अभिनंदन करते हुए आशीर्वाद लेते है। आज के दिन वर्ष में एक बार दोपहर के समय भस्म आरती होती है और भगवान महाकाल को दिन में भस्म में रमा कर भस्म आरती की जाती है।
महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं का टूटा रिकॉर्ड
महाकाल प्रशासक संदीप सोनी ने जानकारी बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में 15 लाख श्रद्धालु महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। महाशिवरात्रि पर्व के एक दिन पहले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसके साथ ही 150 क्विंटल लड्डू प्रसादी की भी रिकार्ड तोड़ बिक्री हुई है।

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