माता कर्मा की बनाई खिचड़ी का भोग ग्रहण करते हैं प्रभु जगन्नाथ
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राजनांदगांव। जिला साहू संघ उपाध्यक्ष व किसान नेता मदन साहू ने तैलीय वंशजों को भक्त माता कर्मा जयंती की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने कहा कि-माता महान कृष्ण भक्त थीं, उनके तिरस्कार से विचलित प्रभु जगन्नाथ ने स्वयं मंदिर का त्याग किया था। उनकी अंतरात्मा की पुकार सुनकर प्रभु ने अपनी कृपा से तेल के तालाब भर दिए थे। माता ही थी जों भगवान जगन्नाथ को खिचड़ी का भोग लगाया करतीं थीं और आज भी यह परंपरा कायम है। विश्वभर से यहां दर्शन के लिए आने वाले कृष्ण भक्तों के लिए खिचड़ी का यह महाप्रसाद अनंत संसार में प्राप्त होने वाली प्रभु की सबसे बड़ी कृपा समान है। 

मदन साहू ने कहा कि-उत्तर प्रदेश के झांसी में जन्म लेने वाली माता को वैराग्य की चाह थी। कृष्णभक्ति में लीन वें उनकी सेवा में तत्पर थी। उनकी इस भक्ति का ही प्रभाव था कि जब बेतवा नदी में उनकी सहेली डूबने लगी तो अपने प्रभु से प्राप्त अनुकंपा पर उन्होंने नदी की धार रोक दिया था। गृहस्थ जीवन में भी उन्होंने अपनी भक्ति पूरी निष्ठा से निभाई। उन्होंने समाज में सर्व वर्ग की समानता के लिए संघर्ष किया। राजशाही के षड्यंत्रों और पक्षपात पूर्ण निर्णयों का विरोध किया। उन्होंने क्रोध वश जिस राज्य का त्याग किया वहां अकाल, आपदाएं आने शुरु हो गईं। माता की भक्ति, उनका त्याग, गृहस्थ जीवन की कठिनाईयों ने उन्हें भक्त शिरोमणी बना दिया। आज भी प्रभु के प्रति उनका समर्पण और प्रेम संपूर्ण जगत के लिए उदाहरण है।

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